शाहजहांपुरः नगर निगम की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में घिर गई, जब मामूडी ककरा क्षेत्र में पुरानी रेलवे लाइन के किनारे बसे गरीब परिवारों के आशियानों को हटाने के लिए अचानक जेसीबी मशीन पहुंच गई। वर्षों से यहां रह रहे कई बेघर परिवारों ने बांस, बल्लियों और प्लास्टिक की मदद से अपने अस्थायी घर बना रखे थे। नाला खुदाई के नाम पर शुरू हुई इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया।
बताया जा रहा है कि नगर निगम के कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के मौके पर पहुंचे और झोपड़ियों को गिराना शुरू कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे अपने सामान को बचाने में जुट गए, जबकि कई लोग खुले आसमान के नीचे आ गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम खराब है और कभी भी बारिश हो सकती है, ऐसे में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घर तोड़ना अमानवीय कदम है।
सूचना मिलते ही रजनीश गुप्ता अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर गरीबों को उजाड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद ही इस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए।
रजनीश गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर कड़ा विरोध जताया और स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए रहने की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जाए। उनके हस्तक्षेप के बाद जेसीबी की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
इस दौरान अनिल श्रीवास्तव, गौरव त्रिपाठी, वकार आलम, अफजाल खान, सईद अंसारी और प्रत्यूष मिश्रा सहित कई स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से संवेदनशीलता बरतने और गरीब परिवारों के लिए स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
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