कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान सुल्तानपुर का लाल नायक अखिलेश शुक्ल शहीद

खबर सार :-
कुडवार ब्लॉक की मांझना ग्राम सभा के 'पुरे वैशी' निवासी नायक अखिलेश शुक्ला (28) देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। कश्मीर के कुपवाड़ा में एक तलाशी अभियान के दौरान उन्हें गोली लग गई थी, जिसके बाद दिल्ली के एक आर्मी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान सुल्तानपुर का लाल नायक अखिलेश शुक्ल शहीद
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुरः कुड़वार ब्लॉक के मंझना ग्राम सभा पूरे वैशी निवासी नायक अखिलेश शुक्ल (28) कश्मीर के कुपवाड़ा में देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। 28 मार्च 2026 को सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्हें गोली लगी थी, जिसके बाद उनका इलाज दिल्ली स्थित सेना के अस्पताल में चल रहा था। बुधवार (08 अप्रैल 2026) को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

गांव में शोक की लहर

अखिलेश अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और परिवार की आंखों का तारा। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पिता राधेकृष्ण, जो स्वयं सेवानिवृत्त सैनिक हैं, ने बताया कि अखिलेश तीन वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी तैनाती कुपवाड़ा में नायक पद पर हुई।

परिवार में बड़ी बहन प्रियंका दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि छोटी बहन शिवानी सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं। माता सीमा गृहिणी हैं और पिता राधेकृष्ण गांव में खेती-बाड़ी करते हैं।

उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर विपिन द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना की ओर से शहादत संबंधी सूचना प्राप्त हो चुकी है। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम का हुआ आयोजन

अखिलेश की शहादत ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ा है, लेकिन पूरे क्षेत्र में उनके वीरता और समर्पण पर गर्व की भावना है। गांववासियों और क्षेत्रीय लोगों ने उनके साहस और देशभक्ति को सलाम किया।

शहीद नायक अखिलेश शुक्ल की याद में स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने विशेष सम्मान और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। उनके बलिदान ने देशवासियों को देश सेवा की प्रेरणा दी है और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनी रहेगी।

अखिलेश की शहादत ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा के लिए हर भारतीय का समर्पण और त्याग अनमोल है। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी वीरता हमेशा याद रखी जाएगी और उनका नाम क्षेत्र की वीरता गाथाओं में अमर रहेगा।
 

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