विश्व नवकार महामंत्र दिवस: भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का विराट संगम

खबर सार :-
एक वैश्विक आह्वान पर गुरुवार को भीलवाड़ा आध्यात्मिक उत्साह और भक्ति के एक अनूठे संगम में तब्दील हो गया, जब "विश्व नवकार महामंत्र दिवस" ​​के अवसर पर मेडिसिटी ग्राउंड पर हजारों भक्तों ने सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप किया।

विश्व नवकार महामंत्र दिवस: भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का विराट संगम
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: मेवाड़ की पावन धरती पर गुरुवार को आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब मेडिसिटी ग्राउंड पर “विश्व नवकार महामंत्र दिवस” के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे शहर को धर्म, आस्था और साधना की ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

नवकार महामंत्र की महत्ता पर चर्चा

कार्यक्रम का वातावरण शुरुआत से ही भक्तिमय रहा। विशाल पांडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और हर ओर “नवकार महामंत्र” की गूंज सुनाई दे रही थी। आयोजन स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा वातावरण दिव्यता से भर गया हो और श्रद्धालु आत्मिक शांति का अनुभव कर रहे हों।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन में नवकार महामंत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंत्र किसी एक व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, साधना और आस्था का सार्वभौमिक प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र मनुष्य को भीतर से सशक्त बनाता है और उसे उच्च जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करता है।

राज्यपाल ने जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि तीर्थंकरों ने अपने जीवन के माध्यम से यह सिखाया कि क्रोध, मोह और द्वेष जैसे आंतरिक विकारों पर विजय प्राप्त कर ही आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इन बुराइयों का त्याग कर आत्मोन्नति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम दक ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में चल रहे संघर्ष और युद्ध मानवता के लिए बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में भगवान महावीर का “जियो और जीने दो” का संदेश ही विश्व शांति का आधार बन सकता है। उन्होंने अपरिग्रह के सिद्धांत को अपनाने और दिखावे की प्रवृत्ति को त्यागकर समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का संदेश दिया।

 हजारों श्रद्धालुओं ने किया जप

सांसद दामोदर अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति की महानता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी परंपराएं अहिंसा, सद्भावना और विश्व कल्याण के मूल्यों से ओत-प्रोत हैं। उन्होंने कहा कि “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो” जैसे संदेश मानवता को सही दिशा प्रदान करते हैं और समाज को एकजुट रखते हैं।

भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने जैन दर्शन के अनुमोदना सिद्धांत की व्याख्या करते हुए कहा कि जिन आदर्शों के प्रति व्यक्ति की श्रद्धा होती है, उनका अनुसरण स्वतः ही जीवन में उतर जाता है। उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र का नियमित जाप मन और हृदय की शुद्धि करता है तथा व्यक्ति को मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और आकर्षक क्षण वह रहा, जब हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया। पूरे मेडिसिटी ग्राउंड में मंत्रोच्चार की गूंज से ऐसा लग रहा था मानो वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह हो रहा हो। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर विश्व शांति, मानव कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे थे।

इस भव्य आयोजन में माण्डलगढ़ विधायक गोपाल लाल, सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा तथा जीतो के महावीर चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने राज्यपाल का स्वागत किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजक संस्था ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में शांति, सद्भावना और आध्यात्मिक जागृति का सशक्त संदेश देकर गया।
 

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