लखनऊः नगर आयुक्त के रूप में गौरव कुमार ने 24 अप्रैल की दोपहर कार्यभार संभाला। उन्हें पूर्व नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह की तरह ही स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ की भी जिम्मेदारी दी गई है। इंद्रजीत सिंह से चार्ज लेने के बाद उन्होंने स्वच्छता, टैक्स सुधार और जलभराव को महत्व दिया। 25 की सुबह नवागत नगर आयुक्त ने शहर के कुछ प्रमुख स्थानों पर जाकर वहां की व्यवस्थाएं देखीं। इससे पूर्व उन्होंने शहर को तमाम योजनाओं के जरिए सशक्त बनाने की बात कही।
लखनऊ नगर निगम को नया नेतृत्व मिल गया। 2018 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी गौरव कुमार ने आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाल लिया। नगर निगम मुख्यालय में पूर्व नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने उन्हें पदभार सौंपा। इस अवसर पर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही गौरव कुमार ने लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का भी पदभार ग्रहण किया। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर को तकनीकी रूप से सशक्त और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में वे सक्रिय भूमिका निभाएंगे। चंडीगढ़ निवासी गौरव कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ से ही प्राप्त की है। वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं।
प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वह तकनीकी और प्रबंधन से संबंधित क्षेत्रों में भी दक्ष हैं। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए कुशल प्रबंधन और जनहित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। पद ग्रहण करने के बाद उन्होंने मीडिया से बात कर अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, जवाबदेह और पारदर्शी शहरी प्रशासन स्थापित करना होगा। कुमार ने कहा कि शहर की साफ-सफाई केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें नागरिकों की भी भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को दुरुस्त किया जाएगा। घर-घर कूड़ा संग्रहण, सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई और कचरा निस्तारण की प्रक्रिया को तकनीकी आधार पर सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ को शीर्ष पर लाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया। नगर निगम की आय बढ़ाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए टैक्सेशन प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाने की बात कही। संपत्ति कर सहित अन्य करों की वसूली में पारदर्शिता लाई जाएगी। करदाताओं को डिजिटल माध्यमों से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लखनऊ के कई क्षेत्रों में हर वर्ष बरसात के दौरान जल भराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। नगर आयुक्त ने इसे नगर निगम की प्राथमिक चुनौतियों में से एक बताया और कहा कि जल निकासी की प्रणाली को दुरुस्त करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए नालियों की समयबद्ध सफाई, ड्रेनेज नेटवर्क की मैपिंग और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं होगा। जनता की शिकायतों के समाधान के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने से लेकर समयबद्ध समाधान तक की व्यवस्था होगी। श्री गौरव कुमार ने कहा कि वे निगम अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं के साथ मिलकर शहर के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य करेंगे। उनका मानना है कि जब सभी वर्गों की भागीदारी होती है, तभी शहर का समुचित और संतुलित विकास संभव होता है।
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