Senuran Muthusamy : दक्षिण अफ्रीका के उभरते स्पिन ऑलराउंडर सेनुरन मुथुसामी हाल के दिनों में फिर चर्चा में हैं। भारतीय मूल से जुड़ी जड़ों वाले इस खिलाड़ी ने भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार जगह न बना पाए हों, किंतु उनकी क्षमताएँ भारत जैसे उपमहाद्वीपीय प्रतिद्वंद्वी के लिए संभावित चुनौती बन सकती हैं। India vs South Africa के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीकी टीम में शामिल सेनुरन मुथुसामी अनुभवी केशव महाराज और हार्मर के साथ आक्रमण संभालेंगे। India vs South Africa टेस्ट मैच के पहले दिन जिस तरह कुलदीप यादव ने तीन विकेट और रवींद्र जडेजा ने एक विकेट लिया उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि गुवाहाटी का पिच स्पिन अटैक को ज्यादा मदद करने वाला साबित होगा और सेनुरन मुथुसामी व केशव महाराज और हार्मर भारतीय बल्लेबाजों की नाक में दम कर सकते हैं। सेनुरन मुथुसामी तो अपनी बल्लेबाजी से भी भारत के लिए सिरदर्द बन सकते हैं।
मुथुसामी का जन्म 22 फरवरी 1994 को डरबन में हुआ, लेकिन उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि उन्हें भारत के तमिलनाडु से जोड़ती है। तमिल संस्कृति से उनका आज भी गहरा नाता है। क्रिकेट का सफर उन्होंने बचपन में ही शुरू किया और शैक्षणिक पढ़ाई के साथ तकनीकी कौशल में निखार लाने का प्रयास जारी रखा।
दक्षिण अफ्रीका के जूनियर स्तरों से आगे बढ़ते हुए उन्होंने डॉल्फ़िन्स टीम के साथ घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान स्थापित की। शुरुआत में वह टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में उभरे, लेकिन समय के साथ उनकी गेंदबाज़ी का प्रभाव कहीं अधिक दिखने लगा। इसी वजह से 2019 में भारत दौरे के लिए उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली।
विशाखापत्तनम में पदार्पण टेस्ट के दौरान उन्होंने विराट कोहली जैसा दिग्गज बल्लेबाज़ आउट करके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने आगमन का दमदार संकेत दिया था। उनकी गेंदों में धीमी उड़ान, सटीकता और पिच के सूक्ष्म बदलावों को समझने की क्षमता उन्हें ऐसे हालात में खतरनाक बनाती है, जहाँ स्पिन को मदद मिलती हो।
हालाँकि, कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण दक्षिण अफ्रीकी टीम में उनकी जगह स्थिर नहीं रही। केशव महाराज जैसे अनुभवी स्पिनर की मौजूदगी ने उन्हें लगातार मौके मिलने से रोका। इसके बावजूद टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य की योजनाओं के लिए एक मूल्यवान विकल्प मानता है।
वर्तमान प्रदर्शन को देखें तो मुथुसामी उतने स्थायी या घातक नहीं दिखते कि भारत के लिए बड़े खतरे की श्रेणी में रखे जाएँ। लेकिन परिस्थितियाँ अनुकूल हों, खासकर उपमहाद्वीपीय पिचें, तो वह भारतीय बल्लेबाज़ों को परेशान करने की क्षमता जरूर रखते हैं। विराट कोहली का विकेट उनका आत्मविश्वास बढ़ाने वाली घटना रही, जो भारत के खिलाफ उनके मानसिक बढ़त का भी संकेत देती है। साफ है कि मुथुसामी एक प्रतिभाशाली लेकिन अभी अस्थिर अंतरराष्ट्रीय करियर वाले खिलाड़ी हैं। भारत के लिए उनकी चुनौती परिस्थिति निर्भर है, और फिलहाल उन्हें बड़ा खतरा कहना अतिशयोक्ति होगा, परंतु संभावित खतरा अवश्य।
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