India vs Netherlands T20 World Cup : क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन मौजूदा भारतीय टीम ने इस मुहावरे को झुठलाते हुए 'जीत' को एक आदत बना लिया है। टी20 विश्व कप के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 17 रनों से शिकस्त देकर न केवल सुपर-8 में अपनी जगह पक्की की, बल्कि विश्व कप इतिहास में लगातार 12वीं जीत दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। यह जीत केवल आंकड़ों की बाजीगरी नहीं थी, बल्कि दबाव में बिखरने के बजाय निखरने वाली उस भारतीय मानसिकता की तस्दीक थी, जो उसे इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा दावेदार बनाती है।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का भारतीय कप्तान का फैसला शुरुआती ओवरों में आत्मघाती नजर आने लगा था। पिच की धीमी प्रकृति और 'ब्लैक सॉइल' (काली मिट्टी) के व्यवहार को नीदरलैंड के स्पिनर आर्यन दत्त ने बखूबी भांप लिया। दत्त ने अपनी लंबाई का फायदा उठाते हुए गेंद को पिच पर जोर से पटका और भारतीय शीर्ष क्रम को हाथ खोलने का जरा भी मौका नहीं दिया।
अभिषेक शर्मा के लिए यह टूर्नामेंट किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है। शून्य पर आउट होकर उन्होंने इस विश्व कप में अपनी तीसरी 'डक' दर्ज की। ईशान किशन भी दत्त की चतुराई का शिकार बने, जहां गेंद उनके पैड से टकराकर विकेटों में जा घुसी। पावरप्ले के भीतर ही भारत बैकफुट पर था। तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव के बीच भी तालमेल की कमी दिखी, जिसका नतीजा यह हुआ कि डच गेंदबाजों ने लगातार 20 गेंदों तक एक भी बाउंड्री नहीं दी।

जब स्कोरबोर्ड कछुए की गति से रेंग रहा था और 15 ओवर के बाद रन रेट 8 से भी नीचे था, तब शिवम दुबे नाम का तूफान उठा। दुबे ने शुरुआती 11 गेंदों पर संघर्ष किया, एक करीबी एलबीडब्ल्यू अपील में अंपायर्स कॉल की वजह से बचे, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने डच खेमे में खलबली मचा दी। कोलिन एकरमैन के ओवर से दुबे ने गियर बदला। उन्होंने कोई फैंसी शॉट या रिवर्स स्वीप नहीं खेला, बल्कि क्रीज का इस्तेमाल करते हुए सीधे बल्ले से 'मर्दाना' प्रहार किए। दुबे की 30 गेंदों में 66 रनों की पारी ने मैच का नक्शा बदल दिया। विशेष रूप से तेज गेंदबाजों की 'चेंज ऑफ पेस' (गति में परिवर्तन) को जिस तरह दुबे ने सीमा रेखा के पार पहुंचाया, वह काबिले तारीफ था। अंत में हार्दिक पांड्या ने भी हाथ खोले और अंतिम 5 ओवरों में भारत ने 75 रन कूटकर स्कोर को 193 तक पहुंचा दिया।

194 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम को जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से बांधे रखा। शुरुआती 4 ओवरों में इन दोनों दिग्गजों ने 12 बार बल्लेबाजों को बीट किया। दबाव का नतीजा यह रहा कि रन गति बढ़ाने के प्रयास में नीदरलैंड ने जल्दी विकेट खो दिए। मिडिल ओवरों में वरुण चक्रवर्ती ने अपनी 'मिस्ट्री' का जलवा बिखेरा। उन्होंने एकरमैन और आर्यन दत्त को लगातार गेंदों पर चलता कर हैट्रिक की स्थिति पैदा कर दी थी। हालांकि वह हैट्रिक से चूक गए, लेकिन उनकी 3-14 की किफायती गेंदबाजी ने नीदरलैंड की कमर तोड़ दी।

नीदरलैंड की ओर से बास डी लीडे (33 रन) ने कुछ संघर्ष जरूर दिखाया और शिवम दुबे के एक ओवर में 23 रन बटोरकर मैच में थोड़ी जान फूंकी। लेकिन दुबे ने पलटवार करते हुए उन्हें आउट कर अपनी गेंदबाजी की भरपाई की। अंततः नीदरलैंड की टीम 7 विकेट खोकर 176 रन ही बना सकी और भारत ने 17 रनों से जीत अपने नाम की।
इस जीत के साथ भारत अब सुपर-8 के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम के लिए सबसे बड़ी राहत शिवम दुबे का फॉर्म में लौटना है, क्योंकि अक्षर पटेल की अनुपस्थिति में वह एकमात्र 'स्पिन हिटर' के रूप में उभरे हैं। हालांकि, टॉप ऑर्डर की विफलता और अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय हो सकता है। लेकिन जिस तरह से टीम इंडिया हर मैच में नए मैच-विजेता ढूंढ रही है, उसे देखते हुए 'वर्ल्ड कप ट्रॉफी' अब दूर की कौड़ी नहीं लगती।