नई दिल्ली/कोलंबो: क्रिकेट की दुनिया में जब भी रिकॉर्ड्स की बात होती है, तो आंकडें खुद गवाही देते हैं। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 (ICC Men's T20 World Cup 2026) बल्लेबाजी के लिहाज से अब तक का सबसे विस्फोटक सीजन साबित हुआ है। ताजा आंकड़ों (Statsguru) के अनुसार, इस सीजन में अब तक रिकॉर्ड 6 बार 200 से अधिक का स्कोर बना है, जो टी20 वर्ल्ड कप के 19 साल के इतिहास में किसी एक संस्करण में सबसे ज्यादा है।
ईएसपीएन क्रिकइन्फो के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 2026 के इस संस्करण ने 2007 के पहले वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। साल 2007 के उद्घाटन सीजन में 5 बार 200+ का स्कोर बना था, लेकिन 2026 में ग्रुप स्टेज के दौरान ही टीमों ने 6 बार इस जादुई आंकड़े को पार कर लिया है। इस सीजन में रनों की रफ़्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीमों का औसत रन रेट (RPO) 10.75 रहा है, जो टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी साल के मुकाबले दूसरा सबसे बड़ा RPO है। इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर आयरलैंड (Ireland vs Oman 235) के नाम रहा, जिसने कोलंबो के एसएससी मैदान पर ओमान के खिलाफ 235/5 रनों का पहाड़ खड़ा किया। कप्तान लोर्कन टकर की 94 रनों की तूफानी पारी ने इस मैच को ऐतिहासिक बना दिया। मेजबान श्रीलंका (Sri Lanka) भी पीछे नहीं रही। उन्होंने ओमान के ही खिलाफ 225/5 का स्कोर बनाया, जो इस सीजन का दूसरा सबसे बड़ा टोटल है। वहीं दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ने कनाडा (Canada) के खिलाफ 213/4 और भारत (India) ने नामीबिया (Namibia) के खिलाफ 209/9 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी गहराई का प्रदर्शन किया।
इस वर्ल्ड कप की सबसे खास बात यह रही कि केवल बड़ी टीमें ही नहीं, बल्कि एसोसिएट देशों ने भी 200 का आंकड़ा पार किया। स्कॉटलैंड (Scotland) ने ईडन गार्डन्स, कोलकाता में इटली (Italy) के खिलाफ 207/4 रन बनाए। यह पहली बार है जब किसी एसोसिएट देश ने टी20 वर्ल्ड कप के एक ही सीजन में इतने बड़े स्कोर और इतनी आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और श्रीलंका की पिचें इस बार पूरी तरह से बल्लेबाजी के अनुकूल तैयार की गई हैं। चेन्नई, मुंबई और कोलंबो जैसे मैदानों पर गेंद बल्ले पर बहुत अच्छी तरह आ रही है। साथ ही, आधुनिक बल्लेबाजों के पास मौजूद 'रेंज हिटिंग' और निडर बल्लेबाजी शैली ने गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। साहबजादा फरहान, युवराज सामरा और पथुम निसांका जैसे खिलाड़ियों के शतकों ने इस हाई-स्कोरिंग ट्रेंड को और मजबूती दी है।
जहाँ एक ओर प्रशंसक चौकों-छक्कों का आनंद ले रहे हैं, वहीं गेंदबाजों के लिए यह वर्ल्ड कप किसी डरावने सपने जैसा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 1004 से अधिक चौके और 492 से अधिक छक्के लग चुके हैं। गेंदबाजों की इकॉनमी रेट में भारी उछाल आया है, जिससे साफ़ है कि आने वाले समय में 200 का स्कोर भी शायद ही सुरक्षित माना जाए। टी20 वर्ल्ड कप 2026 ने क्रिकेट के सांख्यिकीय ढांचे को हिला कर रख दिया है। 6 बार 200+ का आंकड़ा पार होना यह दर्शाता है कि खेल अब और भी अधिक आक्रामक और रोमांचक हो गया है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट सुपर-8 और नॉकआउट की ओर बढ़ रहा है, उम्मीद है कि यह रिकॉर्ड और भी ऊंचाइयों को छुएगा।