लखनऊ: नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में रविवार, 2 नवंबर 2025 को इतिहास रच दिया गया। महिला क्रिकेट विश्वकप 2025 के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर अपना पहला विश्वकप खिताब जीत लिया। भारत की इस ऐतिहासिक जीत की नायिका रहीं उत्तर प्रदेश की ऑलराउंडर और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ’दीप्ति शर्मा’, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाकर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “कुशल खिलाड़ी योजना” के अंतर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी पद पर कार्यरत दीप्ति शर्मा ने फाइनल मुकाबले में शानदार 58 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, जिससे टीम इंडिया का स्कोर 298/7 तक पहुंचा। बल्ले से कमाल दिखाने के बाद दीप्ति ने गेंदबाजी में भी दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से पांच विकेट झटके, जिनमें दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट का विकेट भी शामिल रहा। निर्णायक मौकों पर उनकी गेंदबाजी ने खेल का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। दीप्ति शर्मा के ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यह मुकाबला 52 रनों से जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने पहली बार विश्वकप खिताब अपने नाम किया। उनके योगदान के लिए दीप्ति को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने न केवल बल्लेबाजी में स्थिरता दिखाई बल्कि विकेट लेकर टीम को हर अहम मैच में जीत दिलाई।
दीप्ति शर्मा की यह उपलब्धि न सिर्फ भारतीय महिला क्रिकेट टीम, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रदेश सरकार के लिए भी गर्व का क्षण है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि दीप्ति ने खेल भावना, अनुशासन और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कामना की कि दीप्ति इसी तरह देश और प्रदेश का नाम रोशन करती रहें। दीप्ति शर्मा की सफलता ने साबित किया कि समर्पण और अनुशासन के बल पर कोई भी खिलाड़ी नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उनका यह प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों, विशेष रूप से महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।