Surya Kumar Yadav-Khushi mukherjee Controversy : अभिनेत्री और मॉडल खुशी मुखर्जी (Khushi mukherjee) के एक बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। खुशी का दावा है कि भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव (Surya Kumar Yadav) उन्हें पहले अक्सर मैसेज करते थे, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके बीच कभी कोई रोमांटिक रिश्ते नहीं रहे। इस बयान के आने के बाद न सिर्फ क्रिकेट जगत, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोग चटकारे लेने लगे।
खुशी मुखर्जी, जो एमटीवी स्प्लिट्सविला (MTV Splitsvilla) जैसे रियलिटी शो (Reality Show) से पहचान बनाने के बाद अब बॉलीवुड (Bollywood) की ओर रुख कर चुकी हैं, ने इस बयान को एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान दिया। उन्होंने कहा था कि मैं किसी भी क्रिकेटर को डेट नहीं करना चाहती। मेरे पीछे बहुत सारे क्रिकेटर हैं, और सूर्यकुमार यादव मुझे पहले अक्सर मैसेज करते थे, लेकिन अब हम ज्यादा बात नहीं करते और मैं किसी तरह का जुड़ाव नहीं चाहती। मुझे अपने नाम से जुड़े किसी भी तरह के लिंक-अप पसंद नहीं हैं। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर इस पर तीखी प्रतिक्रियाओं के साथ लोग चटकारें लेने लगे। कुछ यूजर्स ने खुशी के बयान को सुर्खियों में बने रहने की कोशिश बताया, तो कुछ ने उनकी खुलेआम निंदा भी की। वहीं, कई यूजर्स ने सूर्यकुमार यादव की शादीशुदा जिंदगी को भी इस मामले में घसीट लिया। बता दें कि सूर्यकुमार यादव ने 2016 में देविशा शेट्टी (Devisha Shetty) से शादी की थी।
यह विवाद उस समय सामने आया है, जब सूर्यकुमार यादव खुद क्रिकेट में खराब फॉर्म संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। उनकी हाल की बैटिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं, खासकर टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में उनकी खराब परफॉर्मेंस को लेकर। वहीं, सूर्यकुमार हाल ही में अपनी पत्नी के साथ तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (Sri Venkateswara Swamy Temple) में दर्शन करते हुए नजर आए थे, और इस घटना को मीडिया में काफी कवरेज मिली थी। खुशी के बयान के बाद सूर्या के फैंस और क्रिकेट प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। हालांकि, खुशी ने यह साफ किया है कि उनका इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं था, बल्कि वह सिर्फ अपनी व्यक्तिगत पसंद और जीवन के बारे में बात कर रही थीं। खुशी का यह बयान इस बात की याद दिलाता है कि सेलिब्रिटीज के व्यक्तिगत जीवन के बारे में अनुमान और अफवाहें अक्सर समाज में चर्चा का विषय बन जाती हैं, लेकिन इसकी कोई वास्तविकता नहीं होती।