मैच का लेखा-जोखा:
भारतीय महिला टीम: 20 ओवर में 188/7 (जेमिमा रॉड्रिक्स 69, यास्तिका भाटिया 54, लॉरेन बेल 3-34)
इंग्लैंड महिला टीम: 20 ओवर में 150/8 (एमी जोन्स 67, नंदनी शर्मा 3-34)
परिणाम: भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को 38 रनों से हराया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई।
चेम्सफोर्ड: आगामी टी20 विश्व कप से ठीक दो हफ्ते पहले भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी तैयारियों का शंखनाद बेहद आक्रामक अंदाज में किया है। चेम्सफोर्ड के मैदान पर खेले गए पहले रोमांचक टी20 मुकाबले में एक प्रयोगात्मक भारतीय महिला टीम ने मेजबान इंग्लैंड को चारों खाने चित करते हुए 38 रनों से एकतरफा जीत दर्ज की। नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर को इस मैच में आराम दिया गया था, जिसकी वजह से टीम की जिम्मेदारी उपकप्तान स्मृति मंधाना के कंधों पर थी। इस नई रणनीति और नए चेहरों के साथ उतरी टीम ने खेल के हर विभाग में अपना दबदबा साबित किया। जीत की इस पटकथा की मुख्य नायिकाएं जेमिमा रॉड्रिक्स और चोट के बाद वापसी कर रही यास्तिका भाटिया रहीं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में शतकीय साझेदारी निभाकर टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया। बाद में, अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर रही युवा तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने अपनी घातक गेंदबाजी से इंग्लैंड के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल ने मैच के पहले ही ओवर में भारतीय खेमे में खलबली मचा दी। कार्यवाहक कप्तान स्मृति मंधाना ओवर की पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले कवर पर चार्ली डीन को कैच थमा बैठीं। अभी भारतीय टीम इस झटके से संभल भी नहीं पाई थी कि ओवर की आखिरी गेंद पर शेफाली वर्मा भी एक गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर मिड-ऑन पर एलिस कैपसी को कैच दे बैठीं। महज 7 रन पर दो बड़े विकेट गिर जाने के बाद भारतीय पारी गहरे संकट में दिख रही थी।
ऐसे नाजुक समय पर क्रीज पर उतरीं जेमिमा रॉड्रिक्स और यास्तिका भाटिया। दोनों ने न केवल पारी को संभाला बल्कि अंग्रेज गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक शुरू कर दिया। पिछले साल घुटने की सर्जरी कराने के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही यास्तिका भाटिया बेहद रंग में नजर आईं। उन्होंने इसी मैच के जरिए अपनी शानदार फॉर्म और टीम में अपनी अहमियत को दोबारा साबित किया। दूसरी छोर से जेमिमा रॉड्रिक्स ने अपनी चिर-परिचित क्लास दिखाई और मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट खेले। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 76 गेंदों में 126 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी हुई, जिसने मैच का पासा पूरी तरह भारत के पक्ष में पलट दिया।
अप्रैल 2024 के बाद अपना पहला टी20 मुकाबला खेल रही यास्तिका ने बिल्कुल भी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि वह लंबे समय बाद मैदान पर लौट रही हैं। इस्सी वोंग द्वारा फेंके गए पारी के दूसरे ओवर में उन्होंने चार करारे चौके जड़कर भारत के इरादे साफ कर दिए थे, उस ओवर से कुल 27 रन आए। यास्तिका ने इंग्लैंड की स्टार स्पिनर सोफी एकलस्टोन की गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से एक दर्शनीय छक्का भी जड़ा। उन्होंने महज 31 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 अर्धशतक पूरा किया। यास्तिका ने 40 गेंदों का सामना करते हुए 54 रनों की पारी खेली।
वहीं, दूसरी ओर जेमिमा रॉड्रिक्स ने भी इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण को खिलौना बना दिया। जेमिमा ने पदार्पण कर रही स्पिनर टिली कॉर्टिन-कोलमैन की गेंद पर सीधा छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 40 गेंदों में 69 रनों की बेहद सयानी और आक्रामक पारी खेली। इस जोड़ी की बदौलत भारत ने 10 ओवर में ही 100 का आंकड़ा पार कर लिया था। हालांकि, एक खराब कॉल के कारण यास्तिका रन आउट हो गईं और इसी ओवर में चार्ली डीन ने जेमिमा को अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर भारत को दोहरा झटका दिया। अंतिम ओवरों में दीप्ति शर्मा ने महज 13 गेंदों में 22 रनों की उपयोगी कैमियो पारी खेलकर भारत का स्कोर 7 विकेट पर 188 रन तक पहुंचाया। इंग्लैंड के लिए लॉरेन बेल ने 34 रन देकर तीन विकेट चटकाए।
189 रनों के विशाल और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड महिला टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। हालांकि, तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज एमी जोन्स ने एक छोर मजबूती से संभाले रखा। जोन्स ने कप्तान हीथर नाइट के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस मैच के दौरान हीथर नाइट ने एक बड़ा इतिहास भी रचा। वह अपने मुख्य कोच चार्लोट एडवर्ड्स को पीछे छोड़कर इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास में सभी प्रारूपों को मिलाकर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच (310 कैप) खेलने वाली खिलाड़ी बन गईं।
एमी जोन्स ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ डटकर मुकाबला किया और 48 गेंदों में 67 रनों की कप्तानी पारी खेली, जिसमें कई शानदार बाउंड्री शामिल थीं। लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी भी बल्लेबाज का स्थायी साथ नहीं मिला। दबाव बढ़ता गया और रन गति को तेज करने के प्रयास में इंग्लैंड के बल्लेबाज लगातार अंतराल पर अपने विकेट गंवाते रहे।
जब इंग्लैंड की टीम एमी जोन्स के दम पर मैच में वापसी की कोशिश कर रही थी, तब भारतीय कप्तान ने गेंद युवा तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा को सौंपी। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में दबाव को पीछे छोड़ते हुए नंदनी ने गजब का नियंत्रण दिखाया। उन्होंने अपनी कटर और सटीक लाइन-लेंथ से इंग्लैंड के मध्यक्रम को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। नंदनी शर्मा ने अपने 4 ओवर के कोटे में 34 रन देकर 3 महत्वपूर्ण सफलताएं अर्जित कीं, जिसने इंग्लैंड की रन-चेज की कमर तोड़ दी। इंग्लैंड की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर केवल 150 रन ही बना सकी और यह मैच 38 रनों के बड़े अंतर से हार गई।
इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला टीम ने न केवल सीरीज में विजयी आगाज किया है, बल्कि आगामी टी20 विश्व कप के लिए विरोधी टीमों को एक कड़ा संदेश भी भेज दिया है। जेमिमा की परिपक्वता, यास्तिका की फॉर्म और नंदनी शर्मा जैसी युवा प्रतिभा का निखर कर आना भारतीय महिला टीम के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू रहा। सीरीज का अगला मुकाबला अब दोनों टीमों के बीच इस मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ खेला जाएगा। इसके साथ ही, भारतीय महिला टीम ने दर्शा दिया है कि मुख्य खिलाड़ियों के बिना भी उनका बेंच स्ट्रेंथ कितना मजबूत है।
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