ind sa t20 : भारतीय क्रिकेट के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब वह पूरी तरह से फिट होते हैं तो वह टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन जाते हैं। दो महीने के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हुए, हार्दिक ने न केवल बल्ले से बल्कि गेंद से भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।
कटक (Cuttack) के धीमे और गीले पिच पर भारत के अन्य बल्लेबाज जहां संघर्ष करते दिखाई दिए, वहीं हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। उनके द्वारा बनाए गए 28 गेंदों पर 59 रनों की मदद से भारत एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल हो सका। उन्होंने चार छक्कों की मदद से अपनी कड़ी मेहनत का अहसास भी कराया। यही नहीं, हार्दिक की छक्कों की संख्या भी दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की पूरी बल्लेबाजी से ज्यादा रही, भले ही शेष पिच पर बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां थोड़ी अनुकूल हुईं थीं।
हार्दिक (Hardik Pandya) के आत्मविश्वास और परिपक्वता को देखते हुए बिल्कुल नहीं कहा जा सकता कि यह खिलाड़ी पिछले दो महीने की लंबी अनुपस्थिति के बाद खेल रहा है। उन्होंने अपनी पहली चार गेंदों में दो बिना देखे हुए छक्के मारे और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गेंद के साथ भी उन्होंने अपने शानदार कौशल का प्रदर्शन किया और दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डेविड मिलर को एक शानदार गेंद पर बोल्ड किया, जिससे भारत की स्थिति और मजबूत हो गई।
मैच के बाद हार्दिक ने कहा, मैंने अपने शॉट्स पर भरोसा किया। उसी समय मुझे यह एहसास हुआ कि पिच में थोड़ी सी मुश्किल थी। इसलिए मैंने गेंद को सही तरीके से टाइम करने पर ध्यान दिया, न कि उसे तोड़ने की कोशिश की। मैं अपनी बल्लेबाजी से बहुत संतुष्ट हूं। हार्दिक का यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी फिटनेस और शानदार खेल क्षमता ने भारतीय टीम को बैटिंग और बॉलिंग दोनों ही मोर्चों पर मजबूती दी है। उनकी मौजूदगी टीम को एक मजबूत मिडिल ऑर्डर और गेंदबाजी के विकल्प देती है। साथ ही, हार्दिक की फिटनेस भारत को टी20 क्रिकेट में एक आदर्श संयोजन प्रदान करती है, जिसमें बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों को समान महत्व दिया जाता है।
भारत के लिए यह दिखाना और साबित करना बहुत जरूरी था कि जब हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) टीम में होते हैं, तो उनकी उपस्थिति मैच को पूरी तरह से बदल सकती है। उनके बिना, भारतीय टीम को कुछ अतिरिक्त बदलावों और संतुलन के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जैसा कि 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान देखा गया था। हार्दिक के इस शानदार प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो गया है कि जब वह पूरी तरह से फिट और फायरिंग मोड में होते हैं, तो भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती।