Bangladesh Ban Ipl 2026 : भारत और बांग्लादेश (India-Bangladesh) के बीच कूटनीतिक तल्खी अब खेल के मैदान तक पहुँच गई है। एक बड़े घटनाक्रम में, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन के प्रसारण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। सरकार का यह कड़ा रुख कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से स्टार तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान की विदाई और बीसीसीआई के अड़ियल रवैये के विरोध में सामने आया है। मुस्तफिजुर रहमान (The Fizz) बांग्लादेश के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं। भारत के खिलाफ उनका डेब्यू सीरीज में शानदार प्रदर्शन आज भी याद किया जाता है। ऐसे में आईपीएल से उनके निष्कासन को बांग्लादेशी मीडिया और जनता "प्रतिभा का अपमान" मान रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि 297 रनों जैसे विशाल स्कोर (अक्टूबर 2024 में भारत द्वारा बनाया गया) और मैदान पर बढ़ती तल्खी ने पहले ही दबाव बना रखा था, और अब इस 'प्रसारण प्रतिबंध' ने आग में घी डालने का काम किया है।

विवाद की जड़ आईपीएल 2026 की नीलामी और खिलाड़ियों के रिटेंशन से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स को निर्देश दिया था कि वे मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज कर दें। मुस्तफिजुर न केवल केकेआर के मुख्य गेंदबाज थे, बल्कि बांग्लादेशी प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता बेहद अधिक है। बीसीसीआई द्वारा बिना किसी ठोस कारण के उन्हें बाहर किए जाने को बांग्लादेश सरकार ने देश के आत्मसम्मान पर चोट माना है।

बांग्लादेश सरकार ने इस प्रतिबंध को लेकर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि बीसीसीआई का यह निर्णय मनमाना है और इससे बांग्लादेश के नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं। आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं होता, तब तक बांग्लादेश में आईपीएल से संबंधित किसी भी कार्यक्रम या मैच का टेलीकास्ट नहीं किया जाएगा।
इस विवाद की आंच केवल आईपीएल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने आगामी टी20 विश्व कप 2026 के आयोजन पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में अनुरोध किया गया है कि भारत में होने वाले बांग्लादेश के मैचों को श्रीलंका स्थानांतरित कर दिया जाए। BCB का तर्क है कि वर्तमान परिस्थितियों और बढ़ते तनाव के बीच उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा भारत में सुनिश्चित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे विश्व कप के लिए अपनी टीम भारत भेजने से इनकार कर सकते हैं।

भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट का रिश्ता हमेशा से ही भावनात्मक रहा है। जहाँ एक ओर टीम इंडिया ने बांग्लादेश को उनके पहले टेस्ट मैच (वर्ष 2000) में मौका देकर विश्व मंच पर स्थापित करने में मदद की, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश ने कई मौकों पर भारत को कड़ी टक्कर दी है।
उलटफेर का इतिहास: साल 2007 के वनडे विश्व कप में बांग्लादेश ने भारत को हराकर पूरे क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया था। उस हार के जख्म आज भी भारतीय प्रशंसकों के जेहन में ताज़ा हैं। निदाहास ट्रॉफी का वो रोमांच: 2018 में दिनेश कार्तिक के आखिरी गेंद पर लगाए छक्के ने बांग्लादेश के जबड़े से जीत छीन ली थी, जिसने दोनों देशों के बीच मैदान पर प्रतिस्पर्धा को और अधिक तीव्र कर दिया। रिकॉर्ड्स बताते हैं कि बांग्लादेश के लिए भारत हमेशा से सबसे बड़ी चुनौती रहा है। 15 टेस्ट मैचों में से बांग्लादेश आज तक भारत को एक बार भी नहीं हरा पाया है, जबकि 18 T20 मुकाबलों में से उसे केवल 1 जीत नसीब हुई है। वनडे में जरूर बांग्लादेश ने 42 मैचों में से 8 बार भारत को पटखनी दी है।