AUS vs ENG 1st Test : पर्थ के तेज और जीवंत ट्रैक पर ऑस्ट्रेलिया के भरोसेमंद बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ ट्रैविस हेड ने ऐसा तूफ़ान खड़ा किया, जिसकी किसी क्रिकेट फैन्स ने कल्पना भी नहीं की थी। चोटिल उस्मान ख्वाजा की जगह पारी की शुरुआत करने उतरे हेड ने महज़ 83 गेंदों में 123 रन ठोककर इंग्लैंड को पर्थ टेस्ट के दूसरे दिन ही ही धूल चटा दी। 205 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 28.2 ओवर में मैच जीत लिया और इसके केंद्र में थी हेड की वह विस्फोटक पारी, जिस पर कप्तान स्टीवन स्मिथ बोले, ’ये प्रदर्शन किसी दूसरी दुनिया जैसा था।’

पिछले कुछ महीनों में टी20, वनडे और केवल एक शील्ड मैच खेलने वाले हेड का बल्ला रनों के लिए तरस रहा था। उनकी रनों की भूख बढ़ती जा रही थी। उन्होंने स्वीकार किया कि टेस्ट की वापसी से पहले मन में कई सवाल उठ रहे थे, ’क्या मैं अब भी बड़ी टीमों के खिलाफ वही प्रदर्शन दोहरा सकता हूँ?’ लगातार चार दिन नेट्स में अभ्यास करने के बाद उन्हें थोड़ी लय महसूस हुई, और जब ख्वाजा की पीठ में तकलीफ़ बढ़ी तो टीम को नए ओपनर की ज़रूरत थी। हेड ने आगे बढ़कर कहा, ’मैं तैयार हूँ।’

इंग्लैंड की शॉर्ट पिच रणनीति को ध्वस्त करने के इरादे से हेड ने शुरुआत से ही बेहद आक्रामक रुख अपनाया। जेक वेदराल्ड को स्थिरता देने और इंग्लिश गेंदबाज़ों की धार को कुंद करने के लिए उन्होंने नई गेंद पर खुलकर खेला। 50-60 रन पार करते ही मैच का रुख बदलने लगा। इंग्लैंड फील्ड बदलता रहा और हेड हर बदलाव का फायदा उठाते हुए बाउंड्री पर बाउंड्री जड़ते गए। इंग्लैण्ड के गेंदबाज हेड को रोकने के लिए जितने भी प्रयास करते हेड उसकी दोगुनी गति से उन पर प्रहार कर रहे थे। हेड ने कहा कि शुरुआती ओवर में आउट होने पर भी उन्हें अफ़सोस नहीं होता, क्योंकि पारी की शुरुआत करना टीम के लिहाज़ से सही फैसला था। लेकिन जब रन बहने लगे तो उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी, पहले 50 तक लहर पर सवार रहा, फिर सोचा, अब खुल कर खेलते हैं।


पोस्ट मैच प्रस्तुति में स्मिथ ने कहा, हेड ने ऐसे ऐसे शॉट खेले कि जब गलत भी लगा तो गेंद गैप में ही गई। जब तुम उस लय में होते हो, बस सब कुछ सही होता जाता है। पर्थ की पिच दूसरे दिन शाम तक बल्लेबाज़ी के लिए बेहतरीन थी और हेड ने इसका पूरा लाभ लेते हुए इंग्लैंड को पूरी तरह पछाड़ दिया।