चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत, इन राज्यों में बढ़ाई SIR की डेडलाइन

खबर सार :-
चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में SIR की डेडलाइन सात दिन बढ़ा दी है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस अब 11 दिसंबर तक चलेगा। आयोग ने एक नोटिस जारी कर रिवीजन की डेडलाइन बढ़ाने की घोषणा की।

चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत, इन राज्यों में बढ़ाई SIR की डेडलाइन
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के प्रोसेस SIR की तारीखों में एक हफ़्ते का बदलाव किया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी एक रिलीज़ के मुताबिक, ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट अब 9 दिसंबर की जगह 16 दिसंबर को पब्लिश होगी, और फ़ाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी की जगह 14 फरवरी को पब्लिश होगी।

सभी कामों के लिए बढ़ी एक हफ्ते की डेडलाइन

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बदले हुए शेड्यूल के मुताबिक, चुनाव आयोग ने सभी कामों की डेडलाइन एक हफ़्ते के लिए बढ़ा दी है। नए शेड्यूल के तहत, काउंटिंग का समय और पोलिंग स्टेशनों को फिर से बनाने का काम अब 11 दिसंबर, 2025 तक पूरा हो जाएगा। कंट्रोलर टेबल को अपडेट करने और वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट तैयार करने का काम 12 से 15 दिसंबर, 2025 तक किया जाएगा, जबकि वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 16 दिसंबर, 2025 को पब्लिश किया जाएगा। दावे और आपत्तियां जमा करने का समय 16 दिसंबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक तय किया गया है। नोटिस का फेज़, जिसमें काउंटिंग फॉर्म और दावे और आपत्तियां जारी करना, सुनवाई, वेरिफिकेशन और फैसला शामिल है, 16 दिसंबर, 2025 से 7 फरवरी, 2026 तक चलेगा। इलेक्टोरल रोल के हेल्थ स्टैंडर्ड्स का वेरिफिकेशन और फाइनल पब्लिकेशन के लिए अप्रूवल 10 फरवरी, 2026 तक पूरा हो जाएगा, जबकि फाइनल इलेक्टोरल रोल 14 फरवरी, 2026 को पब्लिश किया जाएगा।

विपक्ष ने कई बार उठाया मुद्दा

गौरतलब है कि इलेक्शन कमीशन 12 राज्यों में इलेक्टोरल रोल को अपडेट कर रहा है, इसमें गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा,  पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके लिए चुनाव आयोग नागरिकता और स्थानीय निवास के आधार पर वोटरों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने और हटाने के लिए स्पेशल स्क्रूटनी रिवीजन (SIR) प्रोसेस कर रहा है।

दूसरी ओर, विपक्ष इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और सरकार पर हमला कर रहा है। विपक्ष ने आज की ऑल पार्टी मीटिंग में भी यह मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार जल्दबाजी में SIR प्रोसेस कर रही है। आज इसकी तारीखें एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई हैं। हमारा मानना ​​है कि वोटर लिस्ट से कोई भी नाम न छूटे, इसके लिए और समय दिया जाना चाहिए।

15 जनवरी तक आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे वोटर 

आयोग ने यह भी कहा है कि पोलिंग स्टेशन यानी पोलिंग बूथ बांटने का प्रोसेस 11 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। 30 नवंबर को जारी शेड्यूल के मुताबिक, आयोग ने कहा है कि 12 से 15 दिसंबर के बीच कंट्रोल टेबल तैयार किए जाएंगे। इस दौरान सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर्स के ड्राफ्ट रोल भी तैयार किए जाएंगे। वोटर्स 16 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

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