Ram Mandir Dhwajarohan 2025: आज अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर एक ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भाग लिया। सुबह 11:50 बजे, शुभ अभिजीत मुहूर्त में दोनों नेताओं ने बटन दबाकर 2 किलो की केसरिया ध्वजा को राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर फहराया।
यह ध्वजारोहण एक विशेष क्षण था, जो मंदिर के निर्माण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम था। इस ध्वजा के माध्यम से राम मंदिर में भक्तों की श्रद्धा और आस्था का प्रतीक व्यक्त हुआ। ध्वजा की विशेषता यह है कि यह भयंकर तूफानों में भी सुरक्षित रहेगी और हवा के बदलने पर बिना उलझे पलट जाएगी। इसके दंड पर 21 किलो सोने का आवरण है, और इसे 4 किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता है।
ध्वजारोहण के साथ ही राम मंदिर की निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। पीएम मोदी और मोहन भागवत ने राम मंदिर के पहले तल पर स्थित राम दरबार में पूजा अर्चना की। इस मौके पर पीएम मोदी ने रामलला के दर्शन किए और उनके लिए वस्त्र और चंवर भी लेकर आए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सप्त ऋषियों की पूजा की और भगवान लक्ष्मण के शेषावतार की आराधना की। इस पवित्र मौके पर पीएम मोदी भावुक हो गए और धर्मध्वजा को नमन किया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामचरितमानस की एक चौपाई से अपना भाषण शुरू किया:
"आज सफल तपु तीरथ त्यागू, आजु सुफल जप जोग बिरागू।
सफल सकल सुभ साधन साजू, राम तुम्हहि अवलोकत आजू।"
उन्होंने इस अवसर पर कहा, 'भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण किसी यज्ञ की पूर्णाहुति से कम नहीं, बल्कि यह एक नए युग की शुरुआत है। यह कदम भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों का परिणाम है।' योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, 'राम मंदिर अब सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के गौरव का प्रतीक बन चुका है। यह ध्वजा शक्ति, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक है। यह समृद्ध भारत के संकल्प को दर्शाती है, और हम एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं।' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन भारतीयों की आस्था न तो झुकी और न रुकी। उन्होंने विश्वास जताया कि रामराज्य की उद्घोषणा की दिशा में सरकार ने राशन, स्वास्थ्य और आवास की सुविधाएं प्रदान की हैं, जो इस संकल्प को साकार कर रही हैं।
इस समारोह को लेकर अयोध्या शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया था, और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे परिसर को ATS, NSG, CRPF, PAC और SPG के जवानों ने घेर रखा था। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने साकेत कॉलेज से राम जन्मभूमि तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबा रोड शो भी किया, जिसमें लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस ध्वजारोहण ने न केवल अयोध्या, बल्कि सम्पूर्ण भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के महत्व को पुनः स्थापित किया और यह ऐतिहासिक घटना भारतीय समाज में एक नया उत्साह और संकल्प जागृत करने वाली साबित हुई।
इस अवसर पर अयोध्या शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया था, और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में ATS, NSG, SPG, CRPF और PAC के जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा, पीएम मोदी ने साकेत कॉलेज से राम जन्मभूमि तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबा रोड शो भी किया, जहां स्थानीय नागरिकों और स्कूली छात्रों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
ध्वजारोहण के इस समारोह में देशभर के मठों के संत उपस्थित थे, जबकि पहले चर्चा थी कि कुछ प्रमुख सेलिब्रिटीज़ जैसे अमिताभ बच्चन को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे इस मौके पर नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को 'पीढ़ियों की प्रतीक्षा का साकार रूप' बताया और अयोध्या की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात की।
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