Kishtwar Encounter: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। रविवार को इस ऑपरेशन के दौरान दो आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का एक टॉप कमांडर भी शामिल था। जबकि एक अन्य घायल बताया जा रहा है।
किश्तवाड़ के चतरू इलाके में अभी चल रहे ऑपरेशन त्राशी-I (Operation Trashi-I) के तहत, सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और अपनी इंटेलिजेंस के साथ मिलकर खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवादियों के खिलाफ एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने आतंकवादियों के खिलाफ एक बड़ा हमला किया, जिसमें दो आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया गया। ये आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से जुड़े पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी बताए जा रहे हैं। एनकाउंटर के दौरान दो AK-47 राइफल और गोला-बारूद बरामद किया गया, जबकि सर्च ऑपरेशन जारी है।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस, इंटरनेशनल इंटेलिजेंस एजेंसियों और हमारे अपने इंटेलिजेंस सोर्स से मिली भरोसेमंद सूचना के आधार पर इलाके में एक्टिव आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें खत्म करने के लिए किश्तवाड़ इलाके में एक अच्छी तरह से प्लान किया गया जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया।
इस दौरान खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। वहीं सेना की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए। यह मुठभेड़ रविवार सुबह करीब 11:00 बजे हुई। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, दो पैरा आर्मी यूनिट और CRPF की जॉइंट टीम के साथ एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद का एक टॉप कमांडर मारा गया। सेना ने कहा कि तलाशी जारी है और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को कोई पनाह नहीं मिलेगी।
बता दें कि इस महीने इस इलाके में यह दूसरी घटना है। इससे पहले, 4 फरवरी को इसी घने जंगल वाले इलाके में गोलीबारी हुई थी। किश्तवाड़ के चतरू इलाके में पिछले साल सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक दर्जन से ज़्यादा एनकाउंटर हो चुके हैं। माना जा रहा है कि विदेशी आतंकवादियों का एक ग्रुप इस इलाके में एक्टिव है, जो अक्सर किश्तवाड़, डोडा और उधमपुर जिलों के बीच अपनी जगहें बदलता रहता है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF पाकिस्तानी आतंकवादियों के इस ग्रुप का लगातार पीछा कर रहे हैं, और इस कड़ी तलाशी की वजह से यह ग्रुप सुरक्षा बलों पर हमला करने की कोशिश करने के बजाय एक जगह से दूसरी जगह जा रहा है।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू डिवीज़न के पहाड़ी जिलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों को खत्म करने के साफ आदेश दिए हैं। 7 फरवरी को जम्मू के अपने पिछले दौरे के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश में पूरी तरह शांति लाने के लिए मिशन-मोड अप्रोच अपनाने की बात कही थी।
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