‘Desert Tigers’ ने पूरी की छह दशकों की यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर, 1965 और 1971 के युद्ध में रहा वीर परंपराओं का सशक्त प्रतीक

खबर सार :-
भारतीय वायुसेना के डेजर्ट टाइगर्स को 220 स्क्वाड्रन के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय वायुसेना के डेजर्ट टाइगर्स ने 60 वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती मनाई। डेजर्ट टाइगर्स के नाम से प्रसिद्ध यह स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की वीर परंपराओं की सशक्त प्रतीक रही है। डेजर्ट टाइगर्स वर्ष 1965, 1971 और कारगिल के भारत-पाकिस्तान युद्ध में और ऑपरेशन सिंदूर में भी निर्णायक अभियानों में शामिल रही।

‘Desert Tigers’ ने पूरी की छह दशकों की यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर, 1965 और 1971 के युद्ध में रहा वीर परंपराओं का सशक्त प्रतीक
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना के ‘डेजर्ट टाइगर्स’ के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। ‘डेजर्ट टाइगर्स’ ने राष्ट्र की सेवा में साहस और अदम्य वीरता का प्रदर्शन करते हुए साठ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन 60 वर्षों के दौरान ये वायु योद्धा कई युद्धों में शामिल हुए और दुश्मन को पराजित करने में सफल रहे।

 1965, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में निर्णायक हवाई अभियानों में अहम भूमिका

दरअसल, भारतीय वायुसेना की 220 स्क्वाड्रन को ‘डेजर्ट टाइगर्स’ के नाम से जाना जाता है। ‘डेजर्ट टाइगर्स’ के नाम से प्रसिद्ध यह स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की वीर परंपराओं का सशक्त प्रतीक रही है। ‘डेजर्ट टाइगर्स’ ने वर्ष 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में निर्णायक हवाई अभियानों में भाग लिया था। इस दौरान भारतीय वायुसेना की इस स्क्वाड्रन ने युद्ध में अदम्य पराक्रम का परिचय दिया था। कारगिल युद्ध के दौरान भी इस स्क्वाड्रन ने अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दायित्वों को सफलता के साथ निभाया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में निभाई सक्रिय भूमिका 

वहीं, हाल के समय में भी इस स्क्वाड्रन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी तत्परता और रणनीतिक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। राष्ट्र की सेवा में उत्कृष्टता, शौर्य और अटूट समर्पण के साठ वर्ष पूर्ण करने पर 220वीं स्क्वाड्रन की हीरक जयंती अत्यंत गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई।

रविवार को आयोजित यह समारोह स्क्वाड्रन की गौरवशाली विरासत, ऐतिहासिक उपलब्धियों और राष्ट्र के प्रति उसकी अडिग निष्ठा को समर्पित था। इस विशेष अवसर पर एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया, एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, ईस्टर्न एयर कमांड, तथा एयर मार्शल जे एस मान, सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, वेस्टर्न एयर कमांड मौजूद रहे।

समारोह में सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं अनुभव और स्मृतियां 

रविवार को वायुसेना ने बताया कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त वायुयोद्धा भी उपस्थित हुए। इन वीर सैनिकों के साहस, अनुशासन और समर्पण ने ही स्क्वाड्रन के विशिष्ट और सम्मानित इतिहास की नींव रखी। उनके अनुभव और स्मृतियां समारोह के दौरान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं।

समारोह का प्रमुख आकर्षण वायु योद्धा प्रदर्शन दल द्वारा प्रस्तुत भव्य प्रदर्शन रहा। उनकी सटीक चाल, अनुशासित गठन और सामूहिक तालमेल ने उपस्थित जनसमूह को अत्यंत प्रभावित किया। इसके अतिरिक्त आकाशगंगा दल द्वारा किया गया रोमांचकारी आकाशीय प्रदर्शन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

सुदृढ़ और प्रेरणादायी रही है ‘डेजर्ट टाइगर्स’ की छह दशकों की यात्रा

कार्यक्रम में एयर वारियर ड्रिल टीम द्वारा शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसमें उनकी उत्कृष्ट प्रिसीजन, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। रोमांच को और बढ़ाते हुए आकाशगंगा टीम ने भी अद्भुत और सांसें थाम देने वाला प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को उत्साह और गर्व से भर दिया।

वायुसेना का कहना है कि ‘डेजर्ट टाइगर्स’ की छह दशकों की यह यात्रा सुदृढ़ और प्रेरणादायी रही है। 60 साल की इस यात्रा के बाद भी 220 स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की उच्चतम परंपराओं का पालन करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पूर्णत प्रतिबद्ध है। सदैव सजग, सदैव तैयार और सदैव विजयी रहने की भावना ही इसकी पहचान है, जो आने वाले समय में भी देश की रक्षा के संकल्प को अटल बनाए रखेगी।
 

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