नई दिल्लीः केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। किसानों को सब्सिडीयुक्त गुणवत्तापरक बीज उपलब्ध करवाने, फसलों की सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और सब्सिडी पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। फसलें पकने के बाद उसे बेचने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का निर्धारण किया जा चुका है। इस साल केंद्र ने गेहूं की खरीद के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। रबी सीजन में फसलों की खरीद विपणन वर्ष 2025-26 में कुल 29.92 मिलियन टन गेहूं की खरीद एमएसपी पर की गई है। यह आंकड़ा पिछले साल की अपेक्षा 13 प्रतिशत अधिक है। साथ ही पिछले तीन वर्षों में एमएसपी पर गेहूं खरीदने का सबसे बड़ा आंकड़ा भी है।
देश भर के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में फसलों की पैदावार अच्छी हुई है। इस कारण सरकारी विपणन केंद्रों और मंडियों में अब तक कुल 40.42 मिलियन टन गेहूं पहुंचे थे, जिनमें से 29.92 मिलियन टन की खरीद एमएसपी पर की गई है। इसके अलावा शेष हिस्सा मिल मालिकों और व्यापारियों ने ऐसी कीमत पर खरीदा है, जो सरकार की एमएसपी से कम तो नहीं हो सकती है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान की अनाज मंडियों में अभी भी बिक्री के लिए गेहूं पहुंचने का अनुमान है। गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली और बाजार हस्तक्षेप योजनाओं के माध्यम से वितरण के लिए इस खरीद को पर्याप्त माना जा रहा है। कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में भारतीय खाद्य निगम यानी एफसीआई के पास 36.65 मिलियन टन गेहूं का भंडारण है। जो कि 1 जुलाई के लिए 27.58 मिलियन टन की बफर आवश्यकता से कहीं अधिक बताया जा रहा है।
देश में पंजाब, मध्यप्रदेश, हरिणाया, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गेहूं का उत्पादन अधिक होता है। इन राज्यों में गेहूं की खरीद भी सबसे अधिक होती है। आंकड़ों पर गौर करें, तो 11.93 मिलियन टन के साथ पंजाब पहले स्थान पर था। इसके अलावा 7.77 मिलियन टन गेहूं उत्पादन के साथ मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर, 7.14 मिलियन टन के साथ हरियाणा तीसरे और 2.02 मिलियन टन के साथ राजस्थान चौथे स्थान पर था। कृषि मंत्रालय ने फसल वर्ष 2024-25 में जुलाई-जून के दौरान गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 117.5 मिलियन टन होने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.7 प्रतिशत अधिक है।
गेहूं की फसलों के प्रमुख उत्पादक राज्यों की अनाज मंडी में गुरुवार को गेहूं की औसत कीमतें पंजाब में 2,475 रुपए प्रति क्विंटल, राजस्थान में 2,465 रुपए, मध्य प्रदेश में 2,521 रुपए और हरियाणा में 2,425 रुपए प्रति क्विंटल थीं। इन बाजारों में गेहूं का खुदरा मूल्य 28 रुपए प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। बता दें, भारत सरकार खाद्य पदार्थों की कीमतों पर कड़ी नजर रखने का काम कर रही है। सरकार ने पूरे देश में थोक व्यापारियों और खुदरा विक्रेताओं के लिए गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू की है, ताकि जमाखोरी और सट्टेबाजी को रोका जा सके। यह निश्चित तौर पर मुद्रास्फीति बढ़ने का कारण बनती है। मई के अंतिम सप्ताह में जारी आदेश में थोक व्यापारियों को 3,000 मीट्रिक टन गेहूं स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है। जबकि, खुदरा व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 10 मीट्रिक टन तय की गई है।
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