Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी ने साल 2025 में खूब चमक बिखेरी। दोनों धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई। वहीं साल 2025 के अंतिम कारोबारी सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार (29 दिसंबर) को एक बार फिर चांदी ने सभी को चौंकाते हुए नया रिकॉर्ड बना लिया है। सोमवार सुबह, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत 10,000 रुपये से ज़्यादा बढ़ गई और 2.5 लाख (ढाई लाख रुपये) का आंकड़ा पार कर गई। जबकि सोने की कीमत में भी 300 रुपये से ज़्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली।
चांदी की कीमतों में तेजी रुकने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। पिछले हफ्ते के सिर्फ चार ट्रेडिंग दिनों में ही चांदी का रेट 32,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ज़्यादा बढ़ गया था। सोमवार को, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग शुरू होने पर, चांदी का रेट अपने पिछले क्लोजिंग प्राइस 2,47,194 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2,54,174 रुपये के नए हाई पर पहुंच गई। इसका मतलब है कि यह कीमती धातु खुलने पर 10,362 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है।
सोने-चांदी की कीमतों तेजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर जहां चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई वहीं एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी होने वाला सोना 350 रुपये बढ़ गया। इस तेजी के साथ सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1.40 लाख रुपये के पार चली गई। पिछले सप्ताह शुक्रवार को सोने की कीमत में 1 फीसदी की तेजी आई थी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में, चांदी के वायदा भाव शुरुआती कारोबार में $82.67 प्रति औंस पर पहुंच गए, जो एक ही दिन में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। शुक्रवार को इसमें 11 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी हुई, जो 2008 के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा बढ़त थी।
चांदी की बात करें तो 2025 में अब तक चांदी की कीमतों में लगभग 180 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साल में तीन ट्रेडिंग दिन बचे हैं, अगर यही रफ़्तार जारी रही, तो यह 1979 के बाद चांदी के लिए सबसे अच्छा साल हो सकता है, जब कीमतें 200 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ी थीं। जबकि साल 2025 में सोने में 81 फीसदी की जबरदस्त छलांग लगाई है। दरअसल निवेशक अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं। इसी वजह से वे सोने और चांदी में निवेश कर रहे हैं, जिसके कारण दोनों धातुओं की कीमतें बढ़ रही हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी का एक कारण चीन द्वारा जनवरी 2026 से चांदी के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले प्रस्तावित बैन को भी माना जा रहा है। ग्लोबल अनिश्चितता निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर खींच रही है। चीन सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चांदी का सबसे बड़ा कंज्यूमर है। उम्मीद है कि चीन की इस पॉलिसी का ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि छुट्टियों की वजह से कम ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव आया। बाज़ार में चांदी की सीमित उपलब्धता और तेजी से कैपिटल आउटफ्लो की संभावना भी कीमतों में बढ़ोतरी का कारण बन रही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने की तरह चांदी का बड़ा रिज़र्व नहीं है। लंदन गोल्ड मार्केट के पास लगभग $700 बिलियन का सोना है, जिसे जरूरत पड़ने पर बाजार में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन चांदी के साथ ऐसा नहीं है।
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