मुंबई/ट्यूरिन: भारत की ऑटोमोटिव दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स ने एक और बड़ी छलांग लगाते हुए यूरोपीय कमर्शियल व्हीकल (CV) बाजार में दखल देने का फैसला किया है। कंपनी ने इटली की प्रतिष्ठित वाहन निर्माता कंपनी इवेको ग्रुप के अधिग्रहण के लिए 4.4 अरब डॉलर (लगभग 3.8 अरब यूरो) के ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सौदा टाटा समूह का 2007 में कोरस के बाद सबसे बड़ा क्रॉस-बॉर्डर अधिग्रहण है और 2008 में जगुआर लैंड रोवर (JLR) की खरीद से दोगुना बड़ा है।
टाटा मोटर्स इवेको के गैर-रक्षा व्यवसाय (कमर्शियल ट्रक, बसें, पावरट्रेन और फाइनेंशियल सर्विसेज) का अधिग्रहण करेगी, जबकि इवेको का डिफेंस डिवीजन इटली की लियोनार्डो कंपनी को 1.7 अरब यूरो में बेचा जाएगा।
इवेको के सबसे बड़े शेयरधारक एग्नेली परिवार (जिनके पास 27.06% हिस्सेदारी है) ने टाटा के ऑफर को सपोर्ट करने का अनुबंध किया है।
हाल के वर्षों में चीनी कंपनियां (जैसे FAW) यूरोपीय CV बाजार में तेजी से फैल रही थीं। इस डील के बाद भारत-यूरोप गठजोड़ चीन को टक्कर देने की स्थिति में होगा।
सौदे की अटकलों के बीच इवेको के शेयरों में 7.4% की बढ़त दर्ज की गई थी। कंपनी का बाजार पूंजीकरण $5.68 बिलियन हो गया है।
यह सौदा न सिर्फ टाटा मोटर्स को वैश्विक CV बाजार का नेतृत्व करने की राह पर ले जाएगा, बल्कि भारतीय ऑटो उद्योग को चीन और यूरोप के बीच प्रतिस्पर्धी बल के रूप में स्थापित करेगा। हालांकि, इंटीग्रेशन रिस्क और मार्जिन प्रेशर जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। यदि टाटा सफल रहता है, तो यह JLR की तरह ही एक और ग्लोबल सक्सेस स्टोरी बन सकता है।
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