SBI Lending Rate Cut: भारत के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को न्यू ईयर का बड़ा तोहफा दिया है। SBI ने अपने पने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए लोन और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें घटा दी हैं। इससे पुराने और नए दोनों तरह के लोन लेने वालों को फायदा मिलेगा। नई दरें अगले हफ्ते सोमवार से लागू होंगी।
दरअसल SBI का यह फैसला ऐसे समय आया है जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 5.50 प्रतिशत से 5.25 प्रतिशत कर दिया था। जिसके बाद बाद SBI ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) घटाने का ऐलान किया। बैंक का कहना है कि वह RBI के फैसले का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचा रहा है। जिन ग्राहकों के लोन MCLR से जुड़े हैं, उनकी मासिक किस्तों (EMI) में भी कमी आएगी।
SBI ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को 5 बेसिस पॉइंट्स या 0.05 प्रतिशत घटा दिया है। यह वह दर है जिस पर बैंक लोन की ब्याज दरें तय करते हैं। इस दर में कमी से सभी तरह के लोन की ब्याज दरों पर असर पड़ता है। SBI ने ओवरनाइट और एक महीने की MCLR दर को 7.90 प्रतिशत से घटाकर 7.85 प्रतिशत कर दिया है। तीन महीने की MCLR को 8.30 प्रतिशत से घटाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया गया है। छह महीने की MCLR को 8.65 प्रतिशत से घटाकर 8.60 प्रतिशत कर दिया गया है। इस बीच, बैंक ने एक और दो साल के लिए MCLR दर को 8.75 प्रतिशत से घटाकर 8.70 प्रतिशत कर दिया है। तीन साल के लिए MCLR दरें 8.85 प्रतिशत से घटाकर 8.80 प्रतिशत कर दी गई हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने FD पर भी ब्याज दरें घटाई हैं। SBI की नई दरों के अनुसार, 3 करोड़ से कम की FD पर दो से तीन साल की अवधि के लिए ब्याज दर अब रेगुलर ग्राहकों के लिए 6.40 प्रतिशत होगी, जो पहले 6.45 प्रतिशत थी। वहीं, इसी अवधि के लिए सीनियर सिटिज़न्स के लिए ब्याज दर अब 6.90 प्रतिशत होगी, जो पहले 6.95 प्रतिशत थी। बैंक ने अपनी स्पेशल 444-दिन की FD, अमृत वृद्धि पर भी ब्याज दर 6.60 प्रतिशत से घटाकर 6.45 प्रतिशत कर दी है।
SBI के अनुसार, अब आम ग्राहकों को 7-45 दिनों की FD पर 3.05 प्रतिशत का इंटरेस्ट रेट मिलेगा। 46-179 दिनों की FD पर रेट 4.90 प्रतिशत होगा, 180-210 दिनों के लिए यह 5.65 प्रतिशत होगा, और 211 दिनों से एक साल से कम की FD पर इंटरेस्ट रेट अब 5.90 प्रतिशत होगा। इसके अलावा एक साल से दो साल से कम की अवधि के लिए इंटरेस्ट रेट 6.25 प्रतिशत होगा। तीन से पांच साल से कम की अवधि के लिए इंटरेस्ट रेट 6.3 प्रतिशत होगा। पांच से दस साल की FD पर इंटरेस्ट रेट 6.05 प्रतिशत होगा। इसके अलावा, सीनियर सिटीजन्स को बैंक से 0.50 प्रतिशत ज़्यादा इंटरेस्ट मिलेगा।
SBI की इन दरों में कटौती से होम लोन, वाहन लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों की EMI कम होगी। इससे उनकी जेब पर बोझ घटेगा और लोन लेना आसान होगा। इसके अलावा MSME और कॉरपोरेट ग्राहकों को भी कम ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा, जिससे उनकी वर्किंग कैपिटल जरूरतें पूरी होंगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्याज दरों में यह कमी इकॉनमी के लिए एक अच्छा संकेत है। सस्ते लोन से डिमांड बढ़ेगी, इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधि तेज होगी। RBI और बैंकों के इस कदम से आने वाले समय में ग्रोथ मजबूत होने की उम्मीद है।
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