Indian Stock Market: कमजोर वैश्विक संकेतों और आर्थिक सर्वेक्षण 2026 (Economic Survey 2026)से पहले सतर्कता के माहौल में गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 22.53 अंक या 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 82,367.21 पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 2.25 अंक या 0.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,345 पर खुला। हालांकि, बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों बाद बिकवाली हावी हो गई और शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी।
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 447 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,897.36 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी भी 124 अंक या 0.49 प्रतिशत फिसलकर 25,218.35 पर आ गया। इस दौरान निफ्टी के लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जिससे बाजार में कमजोरी का संकेत मिला।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई पर 15 में से नौ सेक्टर इंडेक्स गिरावट में रहे। निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। आईटी इंडेक्स में करीब 0.77 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स में लगभग 0.76 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर, निफ्टी मेटल में मजबूती दिखी और यह दिन के बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में शामिल रहा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में करीब 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
जहां एक ओर प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, वहीं व्यापक बाजार ने थोड़ी राहत दी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। इससे संकेत मिलता है कि चुनिंदा निवेशक बड़ी कंपनियों की बजाय मिड और स्मॉलकैप शेयरों में अवसर तलाश रहे हैं।
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, टाटा स्टील, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एसबीआई, इटरनल और एक्सिस बैंक के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और ये प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, मारुति सुजुकी, इंडिगो, बीईएल, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) और टाइटन जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा और ये नुकसान उठाने वालों की सूची में रहे।
देशभर के निवेशकों की नजर आज पेश होने वाले आर्थिक सर्वेक्षण 2026 (Economic Survey 2026) पर टिकी हुई है, जिसे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेश करेंगी। माना जा रहा है कि सर्वेक्षण से आर्थिक वृद्धि, महंगाई, राजकोषीय स्थिति और आगामी बजट के संकेत मिल सकते हैं, जिसके आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय होगी।
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, हालांकि घरेलू तकनीकी संकेतक कुछ हद तक सपोर्ट दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 25,400 से 25,500 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस है। पिछले सत्र में निफ्टी 25,300 के ऊपर बना रहा था, जिसे भारत-ईयू ट्रेड बातचीत से जुड़ी उम्मीदों और बेहतर वैश्विक संकेतों का समर्थन मिला था। अगर निफ्टी 25,200 के नीचे फिसलता है तो बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है। वहीं 25,700 के ऊपर मजबूत और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई लॉन्ग पोजीशन बनाना बेहतर माना जा रहा है।
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