नई दिल्लीः देश भर में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) का लाभ लेने वालों की संख्या प्राइवेट सेक्टर में तेजी के साथ बढ़ रही है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एनपीएस स्कीम में 2024-25 के दौरान मार्च तक कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या 165 लाख हो गई है, जिसमें प्राइवेट सेक्टर सब्सक्राइबर्स की संख्या 12 लाख से अधिक है। इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक सितंबर 2024 में शुरू की गई 'एनपीएस वात्सल्य' योजना के तहत 1 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स को पंजीकृत किया गया है। यह योजना विशेष रूप से नाबालिगों के लिए तैयार की गई है। एनपीएस और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) दोनों के लिए एसेट अंडर मैनेजमेंट 2024-25 के दौरान 23 प्रतिशत बढ़कर मार्च के अंत तक 14.43 लाख करोड़ हो गया है। पीएफआरडीए के अध्यक्ष दीपक मोहंती ने कहा कि एनपीएस पेंशन क्षेत्र की आधारशिला है, जिसमें 14.4 लाख करोड़ रुपये का संचित कोष है। एनपीएस और एपीवाई के तहत रजिस्टर्ड सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या 8.4 करोड़ हो गई है। पेंशन सिस्टम का ध्यान कवरेज को बढ़ाने, वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पेंशन-समावेशी समाज बनाने पर लगातार बना हुआ है।
दीपक मोहंती ने कहा कि ‘सभी के लिए पेंशन’ एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बननी चाहिए। वृद्ध आबादी के लिए एक सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना जरूरी है। देश भर में 1 अप्रैल से लागू यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) से 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस स्कीम के तहत 25 साल की सर्विस वाले कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले पिछले 12 महीनों के अपने औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर एक निश्चित पेंशन के पात्र माने जाएंगे। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए यूपीएस की शुरुआत की है। यह स्कीम खासकर उन लोगों के लिए है, जो बाजार से जुड़ी पेंशन के बजाय एक स्थिर और अनुमानित आय पसंद करते हैं। जिन कर्मचारियों ने 10 साल से अधिक लेकिन 25 साल से कम समय तक सेवा की है, उन्हें प्रति माह न्यूनतम 10,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। पेंशनभोगी की मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को अंतिम पेंशन का 60 प्रतिशत मिलेगा। वर्तमान में एनपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पास यूपीएस में स्विच करने का विकल्प भी होगा। इस योजना को हाइब्रिड मॉडल के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और एनपीएस दोनों की विशेषताएं शामिल हैं।
अन्य प्रमुख खबरें
महंगा हुआ हवाई सफर: Air India ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, यात्रियों की जेब पर असर
Wst Asia Cisis के बीच कीमती धातुओं की चमक फीकी: Gold-Silver में गिरावट, निवेशकों में असमंजस
प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत: 5 किलो एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी, सरकार का बड़ा फैसला
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी दमदार रहेगी Indian Economy, 6.7% GDP Growth का अनुमान
Gold की चमक तेज, Silver ने लगाई छलांग, कीमतें रिकॉर्ड के करीब पहुंचीं
HPCL का बड़ा एक्शन: Zero Tolerance Policy, एलपीजी अनियमितताओं पर 10 डिस्ट्रीब्यूटर सस्पेंड
Good Friday पर थमा बाजार: निवेशकों को मिला ब्रेक, BSE-NSE से लेकर कमोडिटी मार्केट तक सन्नाटा
गिरावट से उभरकर बाजार की शानदार वापसी: Sensex 1,800 अंक चढ़ा, IT शेयरों ने दिखाई ताकत
ई-इनकम टैक्स वेबसाइट: एआई असिस्टेंट 'कर साथी' के साथ टैक्स भरना हुआ आसान
Digital India की रफ्तार तेज: मार्च में UPI ने बनाया 22.64 अरब लेनदेन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड