ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत को बड़ी सफलता, अबू धाबी में इंडियन ऑयल के ज्वाइंट वेंचर को मिला कच्चे तेल का भंडार

खबर सार :-
अबू धाबी में इंडियन ऑयल के ज्वाइंट वेंचर की यह तेल खोज भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम है। इससे भारत की वैश्विक ऊर्जा भागीदारी मजबूत होगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी। देश के भीतर और बाहर चल रहे अन्वेषण प्रयास भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा को नई ऊंचाई देंगे।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत को बड़ी सफलता, अबू धाबी में इंडियन ऑयल के ज्वाइंट वेंचर को मिला कच्चे तेल का भंडार
खबर विस्तार : -

Abu Dhabi Crude Oil: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के ज्वाइंट वेंचर को अबू धाबी में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को जानकारी दी कि भारतीय कंपनी ने वहां एक ऑनशोर तेल और गैस क्षेत्र में हल्के कच्चे तेल का भंडार खोज निकाला है।

यह खोज यूबीपीएल (ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड) ने की है, जो इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। इस ज्वाइंट वेंचर में दोनों कंपनियों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह उपलब्धि भारत की वैश्विक ऊर्जा उपस्थिति को और मजबूत करती है।

शिलैफ और हबशन क्षेत्र में सफल खोज

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अबू धाबी के शिलैफ और हबशन क्षेत्र में हल्के कच्चे तेल की सफल खोज की गई है। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस खोज से न केवल तेल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि भारत को स्थिर और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी के विजन को मिली मजबूती

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह खोज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया मील का पत्थर है। यह सफलता भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की तकनीकी दक्षता, नवाचार और मेहनत को दर्शाती है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता और पुख्ता होती है।

देश के भीतर भी तेज हुई तेल-गैस खोज

भारत सिर्फ विदेशों में ही नहीं, बल्कि देश के अंदर भी तेल और गैस की खोज को तेज कर रहा है। वर्तमान में देश के सात तलछटी (सेडिमेंटरी) क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों की मदद से अन्वेषण कार्य चल रहा है। सरकार का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम कर घरेलू उत्पादन बढ़ाना है।

‘मिशन अन्वेषण’ बना गेम चेंजर

तेल और गैस खोज के लिए सरकार ने ‘मिशन अन्वेषण’ नामक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सर्वेक्षण कार्यक्रम है। इसके तहत 20 हजार किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे किया जाना है, जिसमें से 8 हजार किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का सर्वे पूरा हो चुका है।

समुद्री क्षेत्र खोले गए, निवेश को बढ़ावा

सरकार ने अब 10 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को तेल और गैस खोज के लिए खोल दिया है। इसके साथ ही 99 प्रतिशत प्रतिबंधित क्षेत्रों को हटा दिया गया है। ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम (OALP) के तहत दिए जा रहे ब्लॉकों में देशी और विदेशी कंपनियां गहरी रुचि दिखा रही हैं।

नए ब्लॉकों से बढ़ेंगी संभावनाएं

केंद्रीय मंत्री के अनुसार देश में 25 नए तेल और गैस क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। फिलहाल 154 क्षेत्र सक्रिय हैं और अब तक 14 नई खोजें हो चुकी हैं। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र निवेश, तकनीक और उत्पादन के नए रिकॉर्ड बना सकता है।

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