MCX Gold Silver rate: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और पिछले सत्र में आई तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली के चलते मंगलवार को कीमती धातुओं के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दोपहर तक चांदी ने शानदार रिकवरी करते हुए तेजी पकड़ ली, जबकि सोना दबाव में बना रहा। वैश्विक बाजारों में डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने सोने-चांदी को अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए महंगा बना दिया, जिससे निवेशकों की खरीदारी सीमित रही। हालांकि अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता ने गिरावट को ज्यादा गहरा नहीं होने दिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव दोपहर करीब 12:06 बजे तक 0.65 प्रतिशत गिरकर 1,60,541 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी में शुरुआती कमजोरी के बाद तेजी लौटी। खबर लिखे जाने तक चांदी 0.46 प्रतिशत चढ़कर 2,66,542 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कारोबारियों के अनुसार, चांदी में औद्योगिक मांग का मजबूत रुझान और सीमित स्थानीय आपूर्ति तेजी की मुख्य वजह रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला। कॉमेक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 1.1 प्रतिशत गिरकर 5,170.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। स्पॉट गोल्ड 1.5 प्रतिशत फिसलकर 5,150.38 डॉलर प्रति औंस पर रहा। दिन में इससे पहले सोना तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद मुनाफावसूली देखी गई। स्पॉट सिल्वर 3.1 प्रतिशत गिरकर 85.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, हालांकि यह पिछले सत्र में दो सप्ताह के उच्च स्तर पर था।
डॉलर इंडेक्स में इंट्रा-डे आधार पर 10.19 प्रतिशत की तेजी आई और यह 97.89 पर पहुंच गया। डॉलर मजबूत होने पर सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है। यही वजह रही कि शुरुआती सत्र में कीमती धातुओं में दबाव देखा गया। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति Donald Trump के आपातकालीन टैरिफ से जुड़े फैसले के बाद बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो देश व्यापार समझौतों से पीछे हटेंगे, उन पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित ‘सार्थक समझौते’ को लेकर 10 दिन की समय-सीमा नजदीक है। इससे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है, जो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को समर्थन दे सकता है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में निवेशक सोने को हेजिंग टूल के रूप में देखते हैं, जिससे गिरावट सीमित रह सकती है।

चीन में लूनर न्यू ईयर अवकाश के बाद वायदा बाजार खुलने से वैश्विक तरलता में सुधार हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, चांदी पश्चिमी स्पॉट कीमतों की तुलना में प्रीमियम पर कारोबार कर रही है, जो औद्योगिक मांग और आपूर्ति की तंगी को दर्शाता है। मध्यम और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अब भी सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि संरचनात्मक आपूर्ति सीमाएं और हरित ऊर्जा क्षेत्र में चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार एमसीएक्स में सोना 1,60,600 रुपये और 1,58,800 रुपये के स्तर पर सपोर्ट कर रहा है। जबकि, रेजिस्टेंस 1,63,300 रुपये और 1,65,000 रुपये तक है। वहीं दूसरी तरफ, चांदी (MCX) 2,61,000 रुपये और 2,56,600 रुपये तक सपोर्ट कर रही ह, जबकि चांदी की रेजिस्टेंस 2,70,000 रुपये और 2,78,000 रुपये है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
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