SBI कर्मचारियों द्वारा हड़ताल, 5 दिन प्रभावित रहेंगे बैंक के काम

खबर सार :-
SBI Strike: एसबीआई बैंक के कर्मचारियों ने दो दिन हड़ताल का फैसला किया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी तरफ से चेयरमैन को पहले ही 16 मांगों वाला पत्र सौंपा जा चुका है, लेकिन अभी तक उस पर किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई है।

SBI कर्मचारियों द्वारा हड़ताल, 5 दिन प्रभावित रहेंगे बैंक के काम
खबर विस्तार : -

SBI Strike: एसबीआई बैंक के कर्मचारियों ने अगले हफ्ते से हड़ताल का फैसला किया है। अगले हफ्ते से बकरीद का त्योहार शुरु होने जा रहा है। अगर आपका खाता एसबीआई बैंक में है, तो बैंक से जुड़े जरुरी काम जल्द से जल्द पूरा कर लिजिए। कर्मचारियों द्वारा दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया गया है, जबकि बकरीद का त्योहार पड़ने और चौथा शनिवार व रविवार का दिन पड़ने के कारण कुल 5 दिन बैंक बंद रहेगा। 

भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल

भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर 25 मई से दो दिन की हड़ताल की चेतावनी दी है। एसबीआई के कर्मचारी की ये हड़ताल अखिल भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी महासंघ के बैनर तले करेंगें। इस हड़ताल से बैंक के कार्य 5 दिन तक प्रभावित हो सकते हैं। कर्मचारियों के मागों में सूचना वाहक, सशस्त्र गार्ड की भर्ती और एनपीएस कर्मचारियों के लिए पेंशन कोष प्रबंधक को बदलने की मांग की गई है। इसके साथ ही बैंक स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंंग समाप्त करने, आंकड़ों की चोरी होने, उसका दुरुपयोग और धोखाधड़ी का सीधा खतरा होने की उम्मीद जता रही है। जिस कारण एसबीआई ग्राहकों के विश्वास को ठेस पहुंच सकता है। इससे बैंक की प्रतिष्ठा भी खतरे में पड़ सकता है। 

कर्मचारियों की मांग

एसबीआई कर्मचारियों द्वारा की गई एक अन्य मांग, बोर्ड में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति से जुड़ा है। मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय 23 मई को एसबीआई कर्मचारी और प्रबंधन के साथ एक मिटिंग का आयोजन करेगी, जिससे हड़ताल को रोका जा सके। इस हड़ताल के लिए कुछ समय पूर्व ही गुजारिश की गई थी। इसका मकसद बैंक के काम को सुचारु रुप से चलाना और ग्राहकों का भरोसा जीतना है।

चेयरमैन को लिखी चिठ्ठी

एसबीआई कर्मचारियों ने इस महीने के शुरु में ही चेयरमैन को चिठ्ठी लिखकर अपने मांग की डिमांड की थी। साथ ही पत्र में लिखे 16 मांगों पर विचार करने का आवेदन भी किया गया था। इसपर कोई जवाबी कार्यवाही न मिलने के बाद कर्मचारियों ने उनके मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि उनके सालों की मेहनत द्वारा मिले सुरक्षा अधिकारों का भी हनन हो रहा है। उनका आरोप है कि बैंक प्रबंधन समझौते पर सही तरीके से विचार नहीं कर रही है और कर्मचारियों के आवाज की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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