Indian Stock Market: मजबूत वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक माहौल के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने कारोबारी सप्ताह की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 414 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,732 के स्तर पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 171 अंक यानी 0.72 प्रतिशत चढ़कर 23,830 पर पहुंच गया।
बाजार खुलते ही डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स शुरुआती कारोबार में सबसे बड़ा गेनर साबित हुआ। निवेशकों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सरकारी निवेश का असर डिफेंस कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी मजबूती दर्ज की गई। लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे बाजार की चौतरफा मजबूती का संकेत मिला।
सिर्फ लार्जकैप शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 438 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61,761 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 162 अंक यानी 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,033 अंक पर कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और यही वजह है कि मिड एवं स्मॉलकैप सेगमेंट में भी लगातार खरीदारी हो रही है।
सेंसेक्स पैक में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इंडिगो, बीईएल, एशियन पेंट्स, एलएंडटी, पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, एसबीआई, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और टाइटन जैसे शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, कुछ आईटी और फार्मा शेयर दबाव में दिखाई दिए। इन्फोसिस, ट्रेंट, टीसीएस और सन फार्मा के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
भारतीय बाजार को एशियाई बाजारों से भी मजबूत संकेत मिले। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार तेजी के साथ खुले, जबकि जकार्ता बाजार में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी बुधवार के कारोबारी सत्र में शानदार तेजी देखने को मिली। डाओ जोंस 1.31 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक 1.54 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की इस तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक बाजारों में तेजी की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया बयान है। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ईरान के जवाब को लेकर कुछ और दिन इंतजार करेगा। इस बयान से निवेशकों की चिंता कुछ हद तक कम हुई और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार को मजबूती देने का काम किया। कम तेल कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत लेकर आती हैं, जिससे बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की बिकवाली का सिलसिला जारी रहा। आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने 1,597.35 करोड़ रुपए की बिकवाली की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने 1,968.35 करोड़ रुपए का निवेश कर बाजार को सहारा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय बाजार को स्थिर बनाए हुए है और यही वजह है कि विदेशी बिकवाली के बावजूद बाजार मजबूती दिखा रहा है।
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