ASSOCHAM India Business Reform Summit 2026: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यस्था अन्य देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित एसोचैम इंडिया बिजनेस रिफॉर्म समिट 2026 में कहा कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी होना बेहद जरूरी है। बदलती वैश्विक परिस्थितियां भारत के लिए बड़े अवसर लेकर आई हैं और देश को इन्हें सुधार, नवाचार और आर्थिक मजबूती में बदलना चाहिए।
पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया इस समय भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत को इन परिस्थितियों से घबराने की बजाय इन्हें अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारत ने हर संकट को सुधार और विकास के नए रास्तों में बदला है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत ने अपनी क्षमता साबित की थी और अब मौजूदा वैश्विक चुनौतियां भी देश को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक लचीला, तेज और प्रभावी बनाने की जरूरत है ताकि भारत वैश्विक सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बन सके।

गोयल ने उद्योग जगत से अपव्यय कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और ऊर्जा दक्षता को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक कारोबारी मॉडल अब डिजिटल तकनीकों पर तेजी से आधारित हो रहे हैं और भारत को इस बदलाव का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कोविड काल के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि डिजिटल सहभागिता और वर्क फ्रॉम होम जैसे मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक के माध्यम से कारोबार को अधिक प्रभावी और लागत-कुशल बनाया जा सकता है। उनके मुताबिक, भारतीय कंपनियों को नई तकनीकों को अपनाकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति और मजबूत करनी होगी।
केंद्रीय मंत्री ने भारत में तेजी से बढ़ रहे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में करीब 1,800 जीसीसी कार्यरत हैं, जो लगभग 20 लाख प्रत्यक्ष और करोड़ों अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। गोयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत को भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देख रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह भारत की युवा आबादी, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और टेक्नोलॉजी आधारित कार्यक्षमता है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्य संस्कृति और डिजिटल क्षमताएं दुनिया को आकर्षित कर रही हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्लाउड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत के पास तेजी से आगे बढ़ने का सुनहरा मौका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सेवा क्षेत्र और उभरती तकनीकें भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी। उन्होंने कहा कि सरकार डेटा सेंटर, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है। कम लागत पर डेटा उपलब्धता, नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार और मजबूत बिजली व्यवस्था भारत को डिजिटल निवेश का बड़ा केंद्र बना सकती है।
गोयल ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत 2047 का सपना केवल सरकारी योजनाओं से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार कारोबार में आसानी बढ़ाने, नीतिगत सुधारों को तेज करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे नवाचार, टेक्नोलॉजी और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दें। मंत्री के अनुसार, यदि सरकार और उद्योग मिलकर काम करें, तो भारत न केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक नेतृत्व में भी महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा।
ASSOCHAM यानी ‘एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया’ देश के सबसे पुराने और प्रभावशाली गैर-सरकारी व्यापार संगठनों में शामिल है। वर्ष 1920 में स्थापित इस संस्था का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। ASSOCHAM देशभर के 4.5 लाख से अधिक सदस्यों और 400 से ज्यादा क्षेत्रीय वाणिज्य मंडलों का प्रतिनिधित्व करता है। यह संगठन उद्योग और सरकार के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभाते हुए व्यापार, वाणिज्य और औद्योगिक नीतियों पर महत्वपूर्ण सुझाव देता है। MSMEs, कृषि, विनिर्माण, आईटी और वित्तीय क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस रखते हुए ASSOCHAM घरेलू और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने, शोध आधारित रिपोर्ट जारी करने और उद्यमियों की समस्याओं को कम करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
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