मजबूत डॉलर का बड़ा असर: सोना-चांदी में भारी बिकवाली, चांदी 11,700 रुपए तक टूटी
खबर सार :-
डॉलर इंडेक्स में मजबूती और वैश्विक बाजारों में बिकवाली के दबाव ने सोना और चांदी दोनों को कमजोर कर दिया है। चांदी में एक दिन में 11,700 रुपए तक की गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक डॉलर मजबूत रहेगा, तब तक कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव और दबाव जारी रह सकता है।
खबर विस्तार : -
Gold Silver Rate Today: वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती का असर शुक्रवार को घरेलू सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में एक दिन के भीतर 11,700 रुपए तक की बड़ी कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर निवेशकों की बिकवाली और मजबूत डॉलर इंडेक्स ने कीमती धातुओं के दामों को दबाव में ला दिया।
एमसीएक्स पर चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,91,102 रुपए के मुकाबले 11,102 रुपए यानी 3.81 प्रतिशत टूटकर 2,80,000 रुपए पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,79,458 रुपए का निचला स्तर छुआ, जो पिछले बंद भाव से 11,644 रुपए कम था। हालांकि, इंट्रा-डे में इसका उच्चतम स्तर 2,83,938 रुपए रहा। सुबह करीब 10:06 बजे चांदी 8,563 रुपए या 2.94 प्रतिशत गिरकर 2,82,539 रुपए पर कारोबार करती दिखी।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
चांदी के साथ-साथ सोने में भी तेज कमजोरी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,61,978 रुपए के मुकाबले 1,188 रुपए यानी 0.73 प्रतिशत गिरकर 1,60,790 रुपए पर खुला। कारोबार के दौरान सोना 1,60,355 रुपए तक फिसल गया, जो पिछले बंद भाव से 1,623 रुपए कम था। वहीं, इसका इंट्रा-डे हाई 1,60,992 रुपए दर्ज किया गया। खबर लिखे जाने तक सोना 1,438 रुपए यानी 0.89 प्रतिशत टूटकर 1,60,540 रुपए पर कारोबार कर रहा था।
एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी दोनों पर दबाव बना हुआ है। वैश्विक बाजार में सोना 1.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,615 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 4.47 प्रतिशत गिरकर 81.49 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी। बाजार जानकारों का कहना है कि फिलहाल सोना 4,600 डॉलर से 4,750 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर रहा है। तकनीकी स्तर पर 4,560 डॉलर से 4,520 डॉलर प्रति औंस के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। वहीं, 4,700 डॉलर से 4,750 डॉलर प्रति औंस के बीच रेजिस्टेंस बना हुआ है।
कीमती धातुओं में गिरावट की सबसे बड़ी वजह
विश्लेषकों के मुताबिक कीमती धातुओं में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.23 प्रतिशत बढ़कर 98.955 पर पहुंच गया, जो पिछले पांच सप्ताह का उच्चतम स्तर है। डॉलर इंडेक्स अमेरिकी मुद्रा की ताकत को दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं-यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक-के मुकाबले दर्शाता है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी जैसी धातुएं निवेशकों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे इनकी मांग घटती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है। यही कारण है कि वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त नीति और मजबूत आर्थिक संकेतकों ने डॉलर को समर्थन दिया है। इसके चलते निवेशकों का झुकाव डॉलर आधारित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ रहा है। घरेलू बाजार में भी निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल है। पिछले कुछ सप्ताहों में सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गए थे, जिसके बाद मुनाफावसूली भी तेज हुई है। कारोबारी मानते हैं कि यदि डॉलर इंडेक्स में आगे भी मजबूती बनी रहती है तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है। हालांकि, कुछ जानकारों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता अभी भी सोने को लंबे समय में सहारा दे सकती है। ऐसे में मौजूदा गिरावट को लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
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