मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार सपाट, मेटल और डिफेंस शेयरों में चमक, निवेशकों ने अपनाई सतर्क रणनीति
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की चाल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। मेटल, डिफेंस और मिडकैप शेयरों में मजबूती निवेशकों का भरोसा दिखा रही है, जबकि आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेत और कच्चे तेल की दिशा बाजार की अगली चाल तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
Stock Market News Update: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत सपाट रुख के साथ की। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच निवेशकों ने सतर्कता बनाए रखी। शुरुआती कारोबार में जहां कुछ सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली, वहीं आईटी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा।
आज सुबह 9:21 बजे बीएसई सेंसेक्स 6 अंक की मामूली गिरावट के साथ 74,553 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी 10 अंक की बढ़त लेकर 23,390 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों का फोकस वैश्विक आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बना हुआ है।
मेटल और डिफेंस सेक्टर बने बाजार के हीरो
भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह शुरुआती कारोबार में मेटल और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निफ्टी मेटल और निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स सबसे अधिक बढ़त वाले सेक्टर रहे। जानकारों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र में सरकारी निवेश बढ़ने की उम्मीद से इन सेक्टर्स में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस, फार्मा, हेल्थकेयर, एनर्जी और पीएसई इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। वहीं दूसरी ओर आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी आईटी, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।
सेंसेक्स में इन शेयरों ने दिखाई मजबूती
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, आईटीसी और सन फार्मा में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, टीसीएस, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, इन्फोसिस, एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एमएंडएम जैसे शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल सुरक्षित और मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टर्स में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में शानदार तेजी
मुख्य सूचकांकों के सपाट कारोबार के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 228 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,932 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 76 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,015 पर कारोबार करता दिखा। विश्लेषकों के अनुसार घरेलू निवेशकों का भरोसा मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर इन इंडेक्स में दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद से इन शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है।
एशियाई बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत
एशियाई बाजारों में बुधवार को सकारात्मक माहौल देखने को मिला। टोक्यो, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और शंघाई के बाजार हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। हालांकि जकार्ता बाजार में हल्की गिरावट दर्ज की गई। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए थे। डाओ जोंस इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि टेक शेयरों में दबाव के कारण नैस्डैक 0.71 प्रतिशत टूट गया। अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी देखने को मिला।
एफआईआई की बिकवाली जारी, डीआईआई बने सहारा
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। मंगलवार को एफआईआई ने 1,959.39 करोड़ रुपए की इक्विटी बिकवाली की। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,990.32 करोड़ रुपए का निवेश कर बाजार को सहारा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर विदेशी निवेशक फिलहाल सतर्क बने हुए हैं।
कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिससे भारतीय बाजार को राहत मिली है। खबर लिखे जाने तक डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.16 प्रतिशत गिरकर 100.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 1.15 प्रतिशत टूटकर 106.53 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम होता है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
2026-06-27
-
2026-06-26
-
PM मोदी से मिले अमेजन CEO एंडी जेसी, 2030 तक भारत में 48 अरब डॉलर निवेश का बड़ा ऐलान
2026-06-25
-
सोना-चांदी की चमक फीकी, निवेशकों को झटका: गोल्ड ETF 2% और सिल्वर ETF 4% तक लुढ़के
2026-06-25
-
OFS से सरकारी खजाने में रिकॉर्ड भराव: 2026 में केंद्र ने जुटाए 25,000 करोड़ रुपए से अधिक
2026-06-25
-
Gold-Silver में फिर लौटी चमक, दो दिन की गिरावट के बाद कीमतों में आधा प्रतिशत तक उछाल
2026-06-25
-
Crude Oil में नरमी से शेयर बाजार ने पकड़ी रफ्तार, IT और Realty शेयरों में जोरदार खरीदारी
2026-06-25
-
गिरावट के बाद बाजार में जोरदार वापसी, Sensex 791 अंक उछला; Nifty फिर 24,000 के पार
2026-06-24
-
India बनेगा Amazon के Quick Commerce विस्तार का सबसे बड़ा केंद्र: Andy Jassy
2026-06-24
-
Dollar की ताकत के आगे फीके पड़े Gold-Silver, निवेशकों को झटका; कीमतों में 1.7% तक की बड़ी गिरावट
2026-06-24
-
Global Tension में नरमी का असर: चार महीने के निचले स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, भारत को बड़ी राहत
2026-06-24
-
SEBI का बड़ा कदम: पूंजी बाजार के लिए बनेगा एक समान विज्ञापन नियम, निवेशकों को मिलेगी अधिक सुरक्षा
2026-06-24
-
Indian Stock Market की सपाट शुरुआत, IT और Pharma शेयरों में दिखी मजबूती, निवेशकों ने बरती सतर्कता
2026-06-24
-
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद भारतीय एयरलाइंस हटा सकती हैं फ्यूल सरचार्ज : रिपोर्ट
2026-06-23
-
Share Market Crashed: सेंसेक्स 893 अंक टूटा, IT-Metal शेयरों में बिकवाली से निवेशकों को झटका
2026-06-23