Share market sensex nifty recovers: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिलने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती दिखाई और लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया। दिनभर उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। निवेशकों की खरीदारी से बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जिसके चलते बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी बढ़ गया। कारोबार समाप्त होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 49.74 अंक यानी 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,608.98 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 33.05 अंक यानी 0.14 प्रतिशत चढ़कर 23,412.60 अंक पर बंद हुआ।
बुधवार को बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई थी, लेकिन बाद में खरीदारी लौटने से सूचकांकों ने रिकवरी की। बीएसई सेंसेक्स 74,439.34 अंक पर खुला और कारोबार के दौरान 75,191.57 अंक के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, बिकवाली के दबाव में यह 74,134.48 अंक के निचले स्तर तक भी फिसला। इसी तरह, निफ्टी 50 ने 23,362.45 अंक पर कारोबार की शुरुआत की और दिन के दौरान 23,582.95 अंक का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं, इसका निचला स्तर 23,262.55 अंक रहा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार को सहारा मिला।
मुख्य सूचकांकों की तुलना में व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.77 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.31 प्रतिशत मजबूत हुआ। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और बेहतर आर्थिक संकेतकों के चलते मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लगातार रुचि बनी हुई है।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बुधवार को कई सेक्टरों में जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी मेटल इंडेक्स में सबसे अधिक 3.18 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल 1.67 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.28 प्रतिशत मजबूत हुआ। हेल्थकेयर, एफएमसीजी और फार्मा सेक्टरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। दूसरी ओर, आईटी और ऑटो सेक्टर दबाव में रहे। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.13 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.97 प्रतिशत गिर गया। बैंकिंग, रियल्टी और मीडिया सेक्टरों में भी कमजोरी दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर टेक कंपनियों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखाई दिया। वहीं, धातु कंपनियों में मजबूत मांग और वैश्विक कीमतों में सुधार से मेटल शेयरों को समर्थन मिला।
निफ्टी 50 में एशियन पेंट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, टाटा स्टील, हिंडाल्को, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स और सिप्ला के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े और टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे। वहीं, गिरावट वाले शेयरों में आयशर मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, पावरग्रिड और टीसीएस प्रमुख रहे। आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही।
बाजार में आई रिकवरी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले कारोबारी सत्र के 456.3 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 458.6 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का इजाफा हुआ। बाजार जानकारों का कहना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
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