भारत की Economic Growth का नया मंत्र: मजबूत Trade Skills से चमकेंगे सूक्ष्म उद्यम
खबर सार :-
भारत की आर्थिक प्रगति में एमएसएमई सेक्टर की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। तकनीक, ट्रेड स्किल और वित्तीय समर्थन के जरिए सूक्ष्म उद्यमों को मजबूत बनाकर ही देश आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। सरकार, उद्योग संगठनों और उद्यमियों के संयुक्त प्रयास आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
खबर विस्तार : -
CII Conferece 2026: नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 में भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि देश की भविष्य की आर्थिक प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि सूक्ष्म उद्यमों को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से तकनीक, नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत आर्थिक शक्ति बनने के लिए अपने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई सेक्टर को आधुनिक कौशलों से लैस करना होगा।
“सिर्फ तकनीक नहीं, ट्रेड स्किल भी जरूरी”
नागेश्वरन ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एमएसएमई केवल तकनीक का उपयोग ही नहीं कर रहे, बल्कि वे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। भारत के सूक्ष्म उद्यमों को भी इसी दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमों को केवल पारंपरिक व्यापार मॉडल पर निर्भर रहने के बजाय डिजिटल स्किल्स, प्रबंधन क्षमता, डेटा आधारित निर्णय और आधुनिक उत्पादन तकनीकों को अपनाना होगा। सीईए ने उद्यमियों से अपील की कि वे खुद की स्किल्स में निवेश करें और अपने कर्मचारियों को भी लगातार प्रशिक्षित करें। चाहे कर्मचारी अकाउंटिंग, एचआर, इन्वेंट्री मैनेजमेंट या सर्विस सेक्टर में हों, सभी को नई तकनीकों और कार्यकुशलता से जोड़ना समय की जरूरत है।
रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा MSME सेक्टर
सीआईआई के पूर्व अध्यक्ष आर दिनेश ने कार्यक्रम में कहा कि भारत का भविष्य केवल बड़े कॉर्पोरेट दफ्तरों या टेक्नोलॉजी लैब्स में तय नहीं होगा। देश की आर्थिक मजबूती की असली नींव एमएसएमई और ग्रामीण रोजगार क्षेत्र में छिपी है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को सामाजिक स्थिरता और मजबूत रोजगार ढांचा तैयार करना है, तो सूक्ष्म और लघु उद्योगों को प्राथमिकता देनी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यम न केवल स्थानीय रोजगार पैदा करते हैं, बल्कि आर्थिक असमानता को भी कम करने में मददगार साबित होते हैं।
विनिर्माण प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर जोर
सीआईआई के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल केवल आयात और निर्यात का नहीं है। असली चुनौती यह है कि देश अपनी विनिर्माण प्रतिस्पर्धा, व्यापारिक साझेदारी और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को किस प्रकार विकसित करता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में टिके रहने के लिए भारतीय उद्योगों को गुणवत्ता, लागत और उत्पादकता के स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा। एमएसएमई सेक्टर इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है क्योंकि यह देश के औद्योगिक ढांचे का सबसे बड़ा आधार है।
केंद्र सरकार ने बढ़ाया वित्तीय समर्थन
इस बीच केंद्र सरकार ने भी एमएसएमई सेक्टर को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना यानी ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी दी है। यह योजना विशेष रूप से पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित व्यवसायों को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना के तहत सरकार राष्ट्रीय ऋण गारंटी न्यासी कंपनी लिमिटेड के माध्यम से अतिरिक्त ऋण गारंटी उपलब्ध कराएगी।
MSME को मिलेगा 100 प्रतिशत गारंटी कवरेज
नई योजना के अनुसार एमएसएमई सेक्टर को 100 प्रतिशत तक गारंटी कवरेज दिया जाएगा, जबकि गैर-एमएसएमई और विमानन क्षेत्र को 90 प्रतिशत गारंटी मिलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अधिक ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि कारोबारी संस्थाओं को पूंजी की कमी का सामना न करना पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम छोटे उद्योगों के लिए राहत पैकेज की तरह साबित हो सकता है और इससे देश में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अन्य प्रमुख खबरें
-
चीनी स्टॉक लिमिट आधी, जमाखोरी पर सरकार का बड़ा शिकंजा
2026-09-01
-
सीमा शुल्क-बैंकिंग सुधारों से ‘विकसित भारत’ की रफ्तार होगी तेज
2026-09-01
-
ITR Filing 2026-27: 7.8 करोड़ रिटर्न दाखिल, टैक्सपेयर्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
2026-09-01
-
भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 7.8% GDP ग्रोथ
2026-09-01
-
शेयर बाजार सपाट, सेंसेक्स 76,900 के करीब; ग्लोबल दबाव हाव
2026-09-01
-
अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तूफानी रफ्तार! पहली तिमाही में 7.8% GDP ग्रोथ
2026-08-31
-
सोना-चांदी में आएगी जोरदार तेजी! Gold $5,600, Silver $120 तक
2026-08-31
-
Zomato का बड़ा एक्शन, एनालॉग डेयरी वाली डिशेज पर लगी रोक
2026-08-31
-
भारत कनेक्ट पर फॉरेक्स का धमाल, 4 महीने में ₹11 करोड़ का कारोबार
2026-08-31
-
HDFC Bank CEO रेस में कैजाद भरूचा सबसे आगे, संभालेंगे कमान?
2026-08-31
-
ग्लोबल टेंशन में बाजार की सांसें थमीं, लाल निशान में सेंसेक्स-निफ्टी
2026-08-31
-
CNG फिर हुई महंगी, नई कीमतें आज से लागू
2026-08-29
-
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 729.33 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड पर
2026-08-28
-
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट
2026-08-27
-
सरकार ने साफ की स्थिति, प्याज की उपलब्धता पर दी जानकारी
2026-08-27