US-Iran Tension Impact: अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता का असर सोमवार को घरेलू सर्राफा बाजार पर साफ दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में विपरीत रुख देखने को मिला। जहां सोना दबाव में कारोबार करता नजर आया, वहीं चांदी में मजबूती बनी रही। निवेशकों की निगाहें अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हुई हैं, जिसने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है।
एमसीएक्स पर सोने का 5 जून 2026 का वायदा कारोबार पिछली क्लोजिंग 1,52,530 रुपए के मुकाबले 43 रुपए की हल्की गिरावट के साथ 1,52,487 रुपए पर खुला। कारोबार बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव भी तेज होता गया। सुबह करीब 10 बजे तक सोना 630 रुपए यानी 0.41 प्रतिशत टूटकर 1,51,900 रुपए पर पहुंच गया। यह दिन का इंट्रा-डे लो भी रहा। हालांकि कारोबार के दौरान सोने ने 1,54,434 रुपए का उच्चतम स्तर भी छुआ, लेकिन वैश्विक संकेत कमजोर रहने के कारण बाजार में स्थिरता नहीं बन सकी। जानकारों का मानना है कि निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन डॉलर और अमेरिकी नीतियों की अनिश्चितता सोने की चाल को सीमित कर रही है।
सोने के विपरीत चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। चांदी का 3 जुलाई 2026 का वायदा कारोबार पिछली क्लोजिंग 2,61,922 रुपए के मुकाबले 2,613 रुपए यानी करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,64,535 रुपए पर खुला। खबर लिखे जाने तक चांदी 689 रुपए की तेजी के साथ 2,62,611 रुपए पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,62,003 रुपए का निचला स्तर और 2,64,922 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश दोनों कारणों से चांदी को समर्थन मिल रहा है।
कॉमेक्स बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,678 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी मामूली 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार फिलहाल भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक शांति प्रस्ताव भेजा था। इसमें युद्ध समाप्त करने, होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की पेशकश की गई थी। हालांकि अमेरिका यूरेनियम नियंत्रण से जुड़ी अपनी मांगों पर कायम है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरानी प्रस्ताव को लेकर कड़ा रुख अपनाया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरानी प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा है, लेकिन यह उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तनाव और बढ़ गया।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
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