डॉलर इंडेक्स में गिरावट का असर: सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

खबर सार :-
डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने सोना और चांदी की कीमतों को मजबूती दी है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी यह दर्शाती है कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में कीमती धातुएं भरोसेमंद विकल्प बनी हुई हैं। आगे भी डॉलर की चाल और वैश्विक घटनाक्रम इनकी दिशा तय करेंगे।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट का असर: सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
खबर विस्तार : -

Dollar Index weakness : वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स की कमजोरी का सीधा असर बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों पर देखने को मिला। दोनों कीमती धातुएं तेज बढ़त के साथ खुलीं और शुरुआती कारोबार में करीब 2.70 प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर इन धातुओं की ओर रुख किया, जिससे बाजार में तेजी बनी रही।

 एमसीएक्स पर सोने की मजबूत शुरुआत      

Multi Commodity Exchange (एमसीएक्स) पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,49,753 रुपए के मुकाबले 2,247 रुपए या 1.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,52,000 रुपए पर खुला। सुबह 9:47 बजे तक सोना 2,085 रुपए या 1.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,51,838 रुपए पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान सोने ने 1,52,182 रुपए का उच्चतम और 1,51,653 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ।

चांदी ने भी दिखाई चमक, 2.69% तक उछाल

चांदी के दामों में भी शानदार तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 2,44,316 रुपए के मुकाबले 5,000 रुपए या 2.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,49,316 रुपए पर खुला। खबर लिखे जाने तक चांदी 6,584 रुपए या 2.69 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,50,900 रुपए पर पहुंच गई। दिन के कारोबार में इसने 2,52,000 रुपए का उच्चतम स्तर भी छुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख

वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी में मजबूती का रुख बना हुआ है। COMEX पर सोना 1.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,656 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 3.45 प्रतिशत उछलकर 76.12 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह तेजी वैश्विक निवेशकों की बढ़ती मांग को दर्शाती है।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट बना मुख्य कारण

कीमती धातुओं में इस उछाल की प्रमुख वजह डॉलर इंडेक्स में कमजोरी मानी जा रही है। डॉलर इंडेक्स 0.17 प्रतिशत गिरकर 98.14 के स्तर पर आ गया है। डॉलर के कमजोर होने से सोना और चांदी सस्ते हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है। डॉलर इंडेक्स अमेरिकी डॉलर की ताकत को दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं-यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक-के मुकाबले मापता है। जब यह इंडेक्स गिरता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों जैसे सोना और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनकी कीमतें बढ़ती हैं। डॉलर इंडेक्स की कमजोरी का असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला है। रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 11 पैसे या 0.12 प्रतिशत मजबूत होकर 95.07 पर पहुंच गया। मजबूत रुपया आयात लागत को कम कर सकता है, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था को राहत मिलती है।

 निवेशकों के लिए संकेत: सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव

मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से हटकर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। सोना और चांदी पारंपरिक रूप से ऐसे समय में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जिससे इनकी मांग में उछाल देखा जा रहा है।

 

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