Indian Stock Market Rally : भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच शानदार शुरुआत की। सुबह 9:18 बजे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 440 अंकों यानी 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,458 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 142 अंक या 0.59 प्रतिशत चढ़कर 24,175 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के आत्मविश्वास को मजबूती दी है।
बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग शेयरों का रहा। निफ्टी बैंक इंडेक्स 707 अंकों की मजबूत छलांग के साथ 55,254 पर पहुंच गया, जो 1.30 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। यह संकेत देता है कि निवेशकों का झुकाव वित्तीय संस्थानों की ओर बढ़ रहा है।
आज के कारोबारी सत्र में ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। निफ्टी पीएसयू बैंक, ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, मेटल, सर्विसेज और कंजप्शन सेक्टर में मजबूती देखी गई। हालांकि, एफएमसीजी और एनर्जी सेक्टर में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में संतुलन बनाए रखने का संकेत है।
भारतीय शेयर बाजार में केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुझान देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 558 अंक बढ़कर 60,832 पर पहुंच गया, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 157 अंक चढ़कर 18,339 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। यह व्यापक बाजार भागीदारी का संकेत है।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में एमएंडएम, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, टीसीएस, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, बीईएल, इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स और एचसीएल टेक जैसे शेयर बढ़त में रहे। वहीं एलएंडटी, एचयूएल, पावर ग्रिड, आईटीसी और एनटीपीसी जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को सहारा दिया। आज सुबह, AI-आधारित तकनीकी निवेश में वृद्धि और सकारात्मक क्षेत्रीय संकेतों के कारण एशियाई शेयर बाजार (शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता) मजबूती के साथ हरे निशान में खुले। चीनी स्टॉक चार साल के उच्च स्तर के करीब हैं, जबकि कोस्पी 1.7% की तेजी के साथ एआई (AI) बूम के दम पर आगे बढ़ा। हांगकांग के हैंगसेंग और अन्य प्रमुख सूचकांक भी AI और चिप निर्माताओं में खरीदारी से ऊपर रहे। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार को शानदार तेजी देखने को मिली और यह ऑल-टाइम हाई के नए आंकड़े पर पहुंचकर बंद हुआ।
अमेरिका द्वारा ‘फ्रीडम प्रोजेक्ट’ को रोकने के फैसले ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव को कम करने के संकेत दिए हैं। इस फैसले के पीछे पाकिस्तान की अपील और संभावित समझौते की दिशा में बढ़ती बातचीत को अहम माना जा रहा है। इससे वैश्विक निवेशकों में जोखिम लेने की भावना मजबूत हुई है।
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,621.58 करोड़ रुपये की बिकवाली की, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,602.62 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को संतुलन प्रदान किया है।
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