Share Market में दिनभर उठा-पटक, अंत में सपाट बंद; Sensex 114 अंक टूटा, निवेशकों को 2 लाख करोड़ का फायदा

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों का भरोसा कायम है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करेंगे। तकनीकी स्तर पर निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है।

Share Market में दिनभर उठा-पटक, अंत में सपाट बंद; Sensex 114 अंक टूटा, निवेशकों को 2 लाख करोड़ का फायदा
खबर विस्तार : -

Stock Market News Update: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ा और प्रमुख सूचकांक शुरुआती बढ़त गंवा बैठे। हालांकि आखिरी घंटों में रिकवरी देखने को मिली, जिससे बाजार बड़ी गिरावट से बच गया। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सीजफायर और खाड़ी क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रमों ने पूरे दिन निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 114 अंक यानी 0.15 प्रतिशत गिरकर 77,844.52 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी50 मामूली 4.30 अंक फिसलकर 24,326.65 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार की चाल पूरे सत्र के दौरान अस्थिर बनी रही और निवेशकों ने चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी दिखाई।

शुरुआती तेजी के बाद बाजार में आई कमजोरी

कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 78,384.70 का इंट्रा-डे हाई बनाया, जबकि निचले स्तर पर यह 77,713.21 तक फिसल गया। दूसरी ओर निफ्टी ने 24,482.10 का उच्चतम स्तर और 24,284 का न्यूनतम स्तर छुआ। शुरुआती कारोबार में वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को समर्थन मिला, लेकिन बाद में मुनाफावसूली बढ़ने से सूचकांकों पर दबाव दिखाई दिया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में रही चमक

विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक फिलहाल किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि प्रमुख सूचकांक कमजोर रहे, लेकिन व्यापक बाजार में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.10 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अब बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में अवसर तलाश रहे हैं। मजबूत घरेलू मांग और बेहतर कॉर्पोरेट आय के चलते इन शेयरों में लगातार निवेश बढ़ रहा है।

ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर में खरीदारी

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, रियल्टी, प्राइवेट बैंक, मेटल, मीडिया और हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं आईटी, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल और पीएसयू बैंक सेक्टर दबाव में रहे। निफ्टी50 में एचडीएफसी लाइफ, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ग्रासिम, एनटीपीसी, अपोलो हॉस्पिटल, हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक और ओएनजीसी के शेयरों में 1 से 3.5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, टाइटन, टेक महिंद्रा, आईटीसी, सन फार्मा और कोल इंडिया के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

निवेशकों की संपत्ति में हुआ इजाफा

भले ही बाजार सपाट बंद हुआ हो, लेकिन निवेशकों की कुल संपत्ति में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर 475 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में 473 लाख करोड़ रुपए था। इस तरह एक ही दिन में निवेशकों को करीब 2 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को सहारा मिल रहा है। इसके अलावा गिरते कच्चे तेल के दाम भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

निफ्टी के लिए 24,500 बना बड़ा रेजिस्टेंस

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,400 से 24,500 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि इंडेक्स लगातार इस दायरे के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है और निफ्टी 24,600 से ऊपर तक जा सकता है। वहीं नीचे की ओर 24,100 से 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है। यदि बिकवाली बढ़ती है तो यह दायरा बाजार को संभाल सकता है।

खाड़ी क्षेत्र की खबरों पर रहेगी बाजार की नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान संबंधों और खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर खासतौर पर ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आने वाली खबरों पर रहेगी। इस बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 2.32 प्रतिशत टूटकर 99.92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत होकर लगभग 15 पैसे चढ़ा और 94.24 के स्तर के करीब पहुंच गया।

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