Petrol Diesel Crisis: खरीफ का सीजन शुरु होते ही किसानों पर एक और मुसीबत आ गया है। पहले से ही पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है और अब खेतों की जुताई के लिए पर्याप्त ईंधन नही मिल रहा है। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर पूरे देश में संकट के बादल छाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर के लोटन स्थित पेट्रोल पंप पर डेढ़ किलोमीटर तक लंबी लाइन देखने को मिली, जहां डीजल के लिए लोगों में होड़ मची हुई थी।
सिद्धार्थ नगर के लोटन स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह से ही लोग पेट्रोल और डीजल के लिए लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। इस भीषण गर्मी में लोग घंटों तक लाइन में लगकर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें ज्यादातर किसान लोग शामिल हैं, जो खेतों की जुताई के लिए डीजल की मांग कर रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि शाम से पहले ही डीजल खत्म हो गया, लेकिन लोग इस उम्मीद में खड़े थे कि शायद उन्हें कुछ घंटों के इंतजार के बाद खाली हाथ न लौटना पड़े। लबें इंतजार के बाद भी जब उन्हें टैंकर आने की कोई गुंजाइश नहीं दिखी तब जाकर वो अपने घर लौटे। इस तरह की स्थिति का सामना उन्हें शायद ही कभी करना पड़ा हो।
सिद्धार्थनगर के आठ पेट्रोल पंपों में से केवल चार पंपों पर ही डीजल और पेट्रोल की बिक्री हो रही है, जिस कारण दूसरे जिले के लोगों को दूर तक चलकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय पर शाम तक लोगों को तेल मिला लेकिन उनके मांग के मुताबिक कम आपूर्ति में ही संतोष करना पड़ा। किसानों का कहना है कि खेत जुताई का काम चल रहा है और डीजल की आपूर्ति न होने के कारण किसान ट्रैक्टर खड़े करने पर मजबूर हैं, जिससे कृषि कार्य बाधित हो रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक जिले के 122 पेट्रोल पंपों में से 20 पंपों पर डीजल की कमी देखी जा रही है। किसानों को राहत देने के लिए लगातार तेल कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। लोगों तक पेट्रोल और डीजल की मांग को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
डीआरआई का तस्करों पर डिजिटल स्ट्राइक: 120 करोड़ की 3 लाख ई-सिगरेट जब्त, कई राज्यों में छापेमारी
विदेशी मुद्रा भंडार से बढ़ी RBI की ताकत, सरकार को मिल सकते हैं रिकॉर्ड 3.5 लाख करोड़ रुपए
भारत की चाय ने दुनिया में बजाया डंका, 12 वर्षों में निर्यात 93% बढ़ा, महिलाएं बन रहीं सशक्त
वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, सेंसेक्स 75,500 के पार, निवेशकों का बढ़ा भरोसा
वड़ा पाव लवर्स को महंगाई का बड़ा झटका, 20 से 25 रुपये हुआ दाम
यूएन की नई रिपोर्ट से बढ़ी चिंता: 2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.4% रहने का अनुमान
डॉलर की मजबूती ने बिगाड़ा खेल, Gold-Silver की कीमतों में तेज गिरावट, निवेशक सतर्क
कमजोर वैश्विक संकेतों से धड़ाम हुआ बाजार, सेंसेक्स 75 हजार के नीचे फिसला
Share Market: शुरुआती उड़ान के बाद धड़ाम हुआ बाजार, सेंसेक्स लुढ़का; आईटी शेयरों ने दिखाई ताकत