वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव, सीमित दायरे में हो रहा कारोबार

खबर सार :-
वैश्विक अस्थिरता और निवेशकों की सतर्कता के बीच शुक्रवार को सोना और चांदी सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी, शेयर बाजार की मजबूती और ईरान-अमेरिका वार्ता से तनाव कम होने के संकेतों ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। हालांकि वैश्विक जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, इसलिए निवेशकों की नजर अब आने वाले आर्थिक संकेतकों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बनी रहेगी।

वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव, सीमित दायरे में हो रहा कारोबार
खबर विस्तार : -

Gold Silver Price Updates: वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच शुक्रवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी हल्की गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुएं सीमित दायरे में कारोबार करती रहीं। निवेशकों की निगाहें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में बड़े निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिसके कारण सोना और चांदी दोनों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

एमसीएक्स पर सोने में मामूली गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 जून 2026 के कॉन्ट्रैक्ट ने कमजोर शुरुआत की। यह अपने पिछले बंद भाव 1,59,606 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 108 रुपए की गिरावट के साथ 1,59,498 रुपए पर खुला। शुरुआती कारोबार में दबाव बढ़ने से सुबह 9:56 बजे तक सोना 405 रुपए यानी 0.25 प्रतिशत कमजोर होकर 1,59,201 रुपए पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,58,816 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,59,498 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

चांदी में भी कमजोरी, लेकिन दायरा सीमित

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी के 5 जुलाई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछले बंद भाव 2,74,883 रुपए के मुकाबले 1,083 रुपए की कमजोरी के साथ 2,73,800 रुपए पर कारोबार की शुरुआत की। खबर लिखे जाने तक चांदी 533 रुपए यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 2,74,350 रुपए पर कारोबार कर रही थी। शुरुआती कारोबार में चांदी ने 2,73,266 रुपए का न्यूनतम और 2,75,000 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया। विश्लेषकों का मानना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक जोखिम के बीच संतुलन बनने से चांदी फिलहाल सीमित दायरे में बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,527 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, चांदी 0.18 प्रतिशत गिरकर 76.88 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में हल्की बढ़त के कारण निवेशकों का झुकाव फिलहाल सुरक्षित निवेश से थोड़ा कम हुआ है। हालांकि, वैश्विक अस्थिरता के चलते सोना अभी भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।

ईरान-अमेरिका वार्ता से बाजार को राहत

वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह मध्य पूर्व में जारी तनाव है। हालांकि हाल के घटनाक्रमों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। ईरान की समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक तेहरान और वाशिंगटन के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और संभावित समझौते की दिशा में ड्राफ्ट और संदेशों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। इस खबर के बाद वैश्विक निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता थोड़ी बढ़ी है, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दिया। आमतौर पर वैश्विक तनाव बढ़ने पर निवेशक सोने में निवेश बढ़ाते हैं, लेकिन तनाव कम होने के संकेतों से कीमतों में नरमी आई है।

शेयर बाजार की मजबूती ने भी घटाई सुरक्षित निवेश की मांग

भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत ने भी सोना और चांदी पर दबाव बढ़ाया। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते दिखे। बाजार में बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का रुझान इक्विटी की ओर बढ़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बनता है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश जैसे सोने से कुछ दूरी बनाकर इक्विटी बाजार में निवेश बढ़ाते हैं। यही कारण है कि सोने और चांदी की कीमतें फिलहाल सीमित दायरे में बनी हुई हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोना-चांदी की दिशा तय करेंगे। यदि वैश्विक तनाव दोबारा बढ़ता है तो सोने में तेजी लौट सकती है। वहीं, शेयर बाजार की मजबूती और डॉलर में बढ़त की स्थिति में कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है।

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