Indian Stock Market Crashed: वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे। हालांकि आईटी शेयरों (IT Shares) में खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की।
BSE का 30 शेयरों वाला BSE Sensex करीब 30 अंकों की गिरावट के साथ 82,220.48 पर खुला। लेकिन शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद यह 364.85 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 81,883.76 तक फिसल गया। वहीं NSE का प्रमुख सूचकांक NSE Nifty 50 लगभग 40 अंकों की गिरावट के साथ 25,459.85 पर खुला और खबर लिखे जाने तक 119.05 अंक यानी 0.47 प्रतिशत गिरकर 25,377.50 पर कारोबार करता दिखा।
कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स (Sectoral Index) लाल निशान में रहे। व्यापक बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप (Nifty Midcap) 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.81 प्रतिशत की बढ़त रही। इसके विपरीत निफ्टी ऑटो में 0.84 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी (FMCG) में 0.99 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल रक्षात्मक रणनीति अपना रहे हैं।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में आईटी कंपनियों के शेयरों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी देखने को मिली। Infosys, TCS, HCL Technologies और Tech Mahindra टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर ऑटो, एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली हावी रही। Maruti Suzuki, Hindustan Unilever, Mahindra & Mahindra, Bharti Airtel, ITC और Kotak Mahindra Bank के शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी50 ने 83 अंकों की मजबूत गैप-अप ओपनिंग की और इंट्राडे में 25,572.95 के उच्च स्तर तक पहुंचा। हालांकि ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और करीब 170 अंकों की गिरावट के साथ 25,400 तक फिसल गया। अंततः आखिरी समय की रिकवरी से यह 25,496.55 पर बंद हुआ और केवल 14 अंकों की मामूली बढ़त दर्ज कर सका। उन्होंने बताया कि 25,600-25,650 का स्तर तात्कालिक रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है, जबकि 25,300-25,350 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। आरएसआई 47.11 पर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम का संकेत देता है और बाजार में फिलहाल स्पष्ट दिशा की कमी को दर्शाता है।
संस्थागत निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 26 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 3,465 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली करते हुए नेट सेलर रहे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार तीसरे सत्र में खरीदार बने रहे और उन्होंने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयरों की खरीदारी की। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू निवेशक बाजार में गिरावट को अवसर के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती अस्थिरता के बीच ट्रेडर्स को अनुशासित रणनीति अपनानी चाहिए। मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस करना और 25,800 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट का इंतजार करना समझदारी भरा कदम होगा।
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