दिल्ली में CNG का झटका: 11 दिनों में 6 रुपए महंगी हुई गैस, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी इजाफा
खबर सार :-
मध्य-पूर्व संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम जनता की जेब पर साफ दिख रहा है। दिल्ली समेत कई शहरों में सीएनजी, पेट्रोल और डीजल लगातार महंगे हो रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा और आयात लागत बढ़ने से ईंधन संकट गहराता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
खबर विस्तार : -
Delhi CNG price hike: मध्य-पूर्व में जारी संकट के बीच, महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी के दाम भी बढ़ गए हैं। दिल्ली में मंगलवार से सीएनजी 2 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई है। अब राजधानी में सीएनजी 81.09 रुपए की बजाय 83.09 रुपए प्रति किलो मिलेगी।
इस सप्ताह कब-कब बढ़ीं सीएनजी व पेट्रोल की कीमतें
सीएनजी की कीमतों में पिछले 11 दिनों में कुल 6 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 15 मई को 2 रुपए, 18 मई को 1 रुपए, 23 मई को 1 रुपए और आज यानी 26 मई को 2 रुपए प्रति किलो सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है, जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है।
दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर
कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य शहरों में भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुए लगातार संशोधनों के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी के दाम बढ़कर 88.70 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच चुके हैं। मुंबई में भी सीएनजी की कीमत बढ़कर 84 रुपए प्रति किलोग्राम हो चुकी है।
सीएनजी व पेट्रोल की आपूर्ति पर असर
पेट्रोल-डीजल से लेकर सीएनजी तक, युद्ध की वजह से कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने की वजह से भारत की आपूर्ति पर असर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतें भी सातवें आसमान पर हैं। क्रूड ऑयल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो युद्ध से पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था।
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