मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच सपाट खुला बाजार, मेटल शेयरों में दिखी चमक, मिडकैप और स्मॉलकैप ने दिखाई मजबूती

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और सेक्टोरल उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि मेटल, रियल्टी और मिडकैप शेयरों में खरीदारी बाजार को मजबूती दे रही है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक बाजारों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच सपाट खुला बाजार, मेटल शेयरों में दिखी चमक, मिडकैप और स्मॉलकैप ने दिखाई मजबूती
खबर विस्तार : -

share market flat opening: वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार को सपाट रही। शुरुआती कारोबार में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल देखने को मिला, हालांकि मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 69.84 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,940 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 23.10 अंक यानी 0.10 प्रतिशत फिसलकर 23,890 के स्तर पर पहुंच गया।

सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख

बाजार में सेक्टोरल आधार पर मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर, आईटी और ऊर्जा से जुड़े शेयरों में दबाव बना रहा। निफ्टी आईटी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी शेयरों में अस्थिरता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण आईटी सेक्टर दबाव में बना हुआ है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी

लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 314 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,613 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 115 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,386 पर कारोबार करता दिखा। विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू निवेशक फिलहाल ऐसे शेयरों में निवेश बढ़ा रहे हैं जहां मध्यम अवधि में बेहतर ग्रोथ की संभावना दिखाई दे रही है। यही वजह है कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी का रुझान बना हुआ है।

सेंसेक्स पैक में इन शेयरों ने किया बेहतर प्रदर्शन

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में कई दिग्गज शेयरों में तेजी दर्ज की गई। एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, ट्रेंट, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एक्सिस बैंक के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। वहीं, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, बीईएल, आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और इंडिगो के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और आईटी शेयरों में कमजोरी के चलते बाजार पर दबाव बना रहा।

एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेत

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो, बैंकॉक और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई और हांगकांग के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार मंगलवार को मिश्रित रुख के साथ बंद हुए थे। डाओ जोंस 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक इंडेक्स 1.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। अमेरिकी टेक शेयरों में खरीदारी का असर भारतीय आईटी शेयरों पर सीमित रूप में दिखाई दिया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली लगातार जारी है। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने 2,407.87 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,361.43 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते विदेशी निवेशक फिलहाल उभरते बाजारों से दूरी बनाए हुए हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 1.51 प्रतिशत टूटकर 98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.83 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। कच्चे तेल में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

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