भारत-कनाडा रिश्तों में नई उड़ान: साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर लग सकती है मुहर
खबर सार :-
भारत और कनाडा के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में तेजी से बढ़ती बातचीत दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती दे सकती है। व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और कृषि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से बड़े अवसर खुलने की उम्मीद है। यदि साल के अंत तक समझौता पूरा होता है, तो यह दोनों देशों के कारोबार, रोजगार और वैश्विक आर्थिक साझेदारी के लिए बड़ा कदम साबित होगा।
खबर विस्तार : -
Free Trade Agreement: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से ठहरी आर्थिक साझेदारी अब तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। दोनों देशों ने इस साल के अंत तक बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को अंतिम रूप देने की उम्मीद जताई है। हाल के उच्चस्तरीय संवादों और बैठकों ने संकेत दिया है कि नई दिल्ली और ओटावा अपने रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं।
“गेम चेंजर” साबित होगा प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को कनाडाई कामगारों और व्यवसायों के लिए “गेम चेंजर” करार दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक के बाद कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता कनाडा के लिए एक विशाल नए बाजार का रास्ता खोलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और कई क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं उभर रही हैं। कार्नी ने बताया कि दोनों पक्षों ने ऊर्जा, एग्री-फूड, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। उनका कहना था कि भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध कनाडा की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा हैं।
व्यापार और निवेश सहयोग को मिशन मोड में आगे बढ़ाएंगेः पीयूष
इस दौरे की खास बात यह रही कि पीयूष गोयल कनाडा में अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए गंभीर है। गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कनाडा के प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं भी दीं और हाल में हुई भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के संबंधों में नया भरोसा और नई गति आई है। गोयल ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच रिश्ते “बहुत तेजी से रीसेट” हो रहे हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों के संबंधों में “नई शुरुआत” बताते हुए कहा कि अब व्यापार और निवेश सहयोग को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने वार्ताकारों को निर्देश दिए हैं कि साल 2026 के अंत तक या उससे पहले व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को अंतिम रूप दिया जाए।
व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाना चाहता है कनाडा
ओटावा में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भी इस समझौते को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि कनाडा सरकार ने अपने नागरिकों से व्यापारिक अवसर बढ़ाने का वादा किया था और अब उसी दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। सिद्धू ने बताया कि अब तक एफटीए वार्ता के दो दौर पूरे हो चुके हैं और बातचीत रचनात्मक माहौल में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा अब अपने व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाना चाहता है। अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए कनाडा लगभग 300 अरब डॉलर के अतिरिक्त गैर-अमेरिकी निर्यात अवसर तलाश रहा है और भारत इसमें एक अहम साझेदार बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-कनाडा एफटीए दोनों देशों के लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
2030 तक द्विपक्षीय व्यापार कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि कनाडा के पास प्राकृतिक संसाधनों, कृषि और शिक्षा क्षेत्र में बड़ी ताकत है। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता होने से कृषि उत्पाद, ऊर्जा, क्लीन टेक्नोलॉजी, फार्मा, डिजिटल सेवाओं और निवेश क्षेत्र में बड़े अवसर खुल सकते हैं। पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों पक्ष तेजी से ऐसे नतीजे देंगे, जिनसे न केवल कारोबार बल्कि दोनों देशों के नागरिकों को भी लाभ मिलेगा। अपने कनाडा दौरे के दौरान गोयल ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, कृषि मंत्री हीथ मैकडोनाल्ड और व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से भी मुलाकात की। इन बैठकों में खाद्य सुरक्षा, एग्री-टेक, निवेश, स्थिरता, सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
निवेशकों और कामगारों के लिए नए अवसर: अनीता आनंद
अनीता आनंद ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध दोनों देशों के व्यवसायों, निवेशकों और कामगारों के लिए नए अवसर पैदा करेंगे। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता तय समय पर पूरा हो जाता है, तो यह दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है।
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