Indian Stock Market में जबरदस्त उछाल: इन पांच बड़े कारणों से सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी, विदेशी निवेश ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार की यह तेजी केवल एक दिन की तकनीकी रिकवरी नहीं, बल्कि मजबूत बुनियादी संकेतों का परिणाम है। आईटी सेक्टर में एआई आधारित संभावनाएं, वैश्विक बाजारों का समर्थन, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने मिलकर बाजार में नई जान फूंकी है। यदि ये कारक बरकरार रहे, तो आने वाले सत्रों में भी सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है।

Indian Stock Market में जबरदस्त उछाल: इन पांच बड़े कारणों से सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी, विदेशी निवेश ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
खबर विस्तार : -

Indian Stock Market News Analysis: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार के कारोबारी सत्र में दमदार वापसी करते हुए निवेशकों को राहत दी। आज दिन की शुरुआत के दौरान सेंसेक्स 82,957.91 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले सत्र के बंद स्तर 82,225.92 से करीब 732 अंक अधिक है। मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद आई यह तेजी बाजार में सकारात्मक धारणा का संकेत दे रही है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस उछाल के पीछे पांच प्रमुख कारण रहे, जिन्होंने निवेशकों का विश्वास दोबारा मजबूत किया।

1. आईटी सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी रही। खबर लिखे जाने तक निफ्टी आईटी 2.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ते उत्साह ने टेक कंपनियों के शेयरों को नई ऊर्जा दी है। हाल ही में Anthropic और Infosys के बीच साझेदारी की खबर ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। वहीं TCS भी OpenAI के साथ मिलकर एआई आधारित समाधान पर काम कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि एआई सॉफ्टवेयर कंपनियों के काम करने के तरीके में बदलाव लाएगा और नए बिजनेस अवसर पैदा करेगा, जिससे आईटी सेक्टर की आय में दीर्घकालिक वृद्धि संभव है।

Stock Market-Surge-Reasons

2. वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत

अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए, जिसका असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय बाजारों पर भी दिखा। वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ने से घरेलू निवेशकों का मनोबल भी मजबूत हुआ। अमेरिका और एशिया से आए सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों को यह भरोसा दिया कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां फिलहाल स्थिर हैं, जिससे उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह बना रह सकता है।

3. डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती

डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती ने भी बाजार को सहारा दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 90.89 पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी के चलते उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को समर्थन मिला है। रुपये में मजबूती से आयात लागत में कमी की संभावना रहती है और विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक बनती हैं।

Stock Market-Global Signal

4. विदेशी निवेशकों की वापसी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियां भी बाजार की तेजी में अहम रहीं। मंगलवार की गिरावट के दौरान एफआईआई ने केवल 102.53 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जो सीमित मानी जा रही है। इससे पहले सोमवार को एफआईआई ने कैश मार्केट में 3,483.70 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बाजार के प्रति सकारात्मक हो रहा है।

5. तकनीकी स्तर पर रिकवरी

बाजार की हालिया गिरावट के बाद कई दिग्गज शेयर आकर्षक मूल्य स्तर पर आ गए थे। ऐसे में निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का मौका भुनाया। तकनीकी चार्ट पर भी प्रमुख सपोर्ट लेवल से रिकवरी ने तेजी को बल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सेंसेक्स 83,000 के स्तर के ऊपर टिकता है, तो आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है।

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