भारत फिर बना दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाः निर्मला सीतारमण

खबर सार :-
भारत की 8.2 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ दर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत और स्थिरता को दर्शाती है। मजबूत सेक्टोरल प्रदर्शन, सरकारी सुधार, और बढ़ते सार्वजनिक निवेश ने विकास को नई ऊर्जा दी है। हाई-फ्रीक्वेंसी संकेतक भी आर्थिक गतिविधियों में निरंतर सुधार दिखा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इस गति को बनाए रखते हुए दीर्घकालिक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।

भारत फिर बना दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाः निर्मला सीतारमण
खबर विस्तार : -

GDP Growth: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की हालिया स्थिति पर खुशी जाहिर की है। वित्तमंत्री ने कहा कि ताज़ा जीडीपी आंकड़े भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति को स्पष्ट रूप से दिखाते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने पोस्ट किया कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 8.2% दर्ज की गई है। इस प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर अवधि) में देश की विकास दर 8% रही है, जो वैश्विक आर्थिक सुस्ती के बीच भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।

विकास दर को गति देने वाले बड़े कारक

सीतारमण ने कहा कि यह तेज़ वृद्धि निरंतर राजकोषीय समेकन, लक्षित सार्वजनिक निवेश और सुधार-आधारित नीतियों का परिणाम है। उनके अनुसार इन सुधारों ने न केवल उत्पादकता में वृद्धि की है बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को भी मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स लगातार मजबूत आर्थिक गतिविधियों और व्यापक उपभोग वृद्धि का संकेत दे रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि घरेलू मांग स्थिर है और निजी क्षेत्र में निवेश की रफ्तार भी बढ़ रही है।

सेक्टर-वार प्रदर्शन ने दिलाई रिकॉर्ड बढ़त

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की ग्रोथ दर बीते वर्ष की समान अवधि में दर्ज 5.6 प्रतिशत की तुलना में काफी अधिक है। सरकारी बयान के अनुसार, इस मजबूती का मुख्य कारण द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा।

  • द्वितीयक क्षेत्र की वृद्धि दर: 8.1%
  • मैन्युफैक्चरिंग: 9.1%
  • कंस्ट्रक्शन: 7.2%
  • तृतीयक क्षेत्र की वृद्धि दर: 9.2%
  • फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाएं: 10.2%

इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की नॉमिनल जीडीपी 8.7% की दर से बढ़ी, जो कीमतों में बदलाव समेत कुल आर्थिक उत्पादन में वृद्धि को दर्शाती है।

सरकार का फोकस: दीर्घकालिक सुधार और स्थिर विकास

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने और दीर्घकालिक विकास दर को ऊंचाई पर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में संरचनात्मक सुधार, बुनियादी ढांचा निवेश और निवेश-अनुकूल नीतियां भारतीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती देंगी।

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