भारत की हवाई सेक्टर में बड़ी उड़ान: अब विमान खरीदार नहीं, मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा देश

खबर सार :-
भारत का नागरिक विमानन क्षेत्र अब केवल उड़ानों और यात्रियों तक सीमित नहीं रहा। सरकार की नीतियों, वैश्विक साझेदारियों और मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ते फोकस के साथ देश तेजी से एक ग्लोबल एविएशन हब बनने की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

भारत की हवाई सेक्टर में बड़ी उड़ान: अब विमान खरीदार नहीं, मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा देश
खबर विस्तार : -

Aircraft manufacturing:  केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि बीते 10 वर्षों में भारत के नागरिक विमानन क्षेत्र ने ऐतिहासिक प्रगति की है। देश में एयरपोर्ट्स, यात्रियों और विमानों की संख्या दोगुनी हो चुकी है और अब भारत का अगला लक्ष्य विमानों के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है। उन्होंने यह बात हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित नागरिक विमानन सम्मेलन ‘विंग्स इंडिया 2026’ के उद्घाटन के अवसर पर कही।

10 वर्षों में बदली भारत की एविएशन तस्वीर

राम मोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के चलते देश में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ी है। छोटे शहरों और कस्बों तक हवाई सेवा पहुंची है, जिससे यात्रियों की संख्या में तेज वृद्धि हुई। आज भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन बाजारों में शामिल हो चुका है।

अब फोकस: मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम

मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले 10–20 वर्षों में भारत सिर्फ घरेलू जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी विमान और उनके पुर्जे तैयार करने वाला केंद्र बनेगा। सरकार चाहती है कि भारत को एविएशन मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित किया जाए।

विंग्स इंडिया 2026 में दिखेगी भारत की ताकत

नायडू ने बताया कि ‘विंग्स इंडिया 2026’ में भारत अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। खास तौर पर नागरिक विमानन क्षेत्र में हो रहे निवेश, टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट को दुनिया के सामने रखा जाएगा।

एम्ब्रेयर-अडानी एयरोस्पेस करार

उन्होंने जानकारी दी कि नागरिक विमानों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ब्राजील की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस के बीच करार हुआ है। दोनों कंपनियां मिलकर भारत में एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करना चाहती हैं। यह सहयोग भारत को वैश्विक एविएशन सप्लाई चेन में अहम स्थान दिलाएगा।

अगले महीने तय होगी समयसीमा

मंत्री नायडू ने बताया कि एम्ब्रेयर-अदाणी सहयोग की समयसीमा अगले महीने तय की जाएगी, जब ब्राजील के राष्ट्रपति भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो वर्षों में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में ठोस प्रगति दिखाई देगी।

बोइंग 787-9 का निरीक्षण

विमानों की प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान मंत्री ने बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह विमान विशेष रूप से एयर इंडिया के लिए तैयार किया गया है और इसकी पहली डिलीवरी हो चुकी है, जो भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

विमानों की उपलब्धता बनी चुनौती

राम मोहन नायडू ने कहा कि विमानन उद्योग की प्रमुख चुनौतियों में विमानों की उपलब्धता शामिल है। बोइंग और एयरबस को बड़ी संख्या में ऑर्डर दिए जा चुके हैं और डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आने वाले समय में भारतीय यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए विमानों की डिलीवरी से उद्योग को मजबूती मिलेगी।

भारत से बढ़ रही ग्लोबल सप्लाई

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एयरबस और बोइंग पहले से ही भारत से करीब दो अरब डॉलर के विमान पुर्जे खरीद रहे हैं। देश में कई मैन्युफैक्चरिंग सेंटर विकसित हो रहे हैं, जिससे रोजगार, निवेश और तकनीकी क्षमता में इजाफा हो रहा है।

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