नई दिल्लीः देश में जीएसटी प्रणाली के नए संस्करण, जीएसटी 2.0 को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। एसबीआई रिसर्च की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस सुधार से उपभोग में 5.5 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 52,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जीएसटी राजस्व उत्पन्न करेगा।
इस संभावित अतिरिक्त आय से जीएसटी 2.0 के तहत होने वाले अनुमानित 45,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की भरपाई आसानी से हो जाएगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि औसतन 85,000 करोड़ रुपये तक के राजस्व घाटे की भरपाई भी संभव है, क्योंकि हानिकारक वस्तुओं को 28% से बढ़ाकर 40% स्लैब में डालने की योजना है।
एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि कर दरों में कटौती के कारण उपभोग व्यय में कुल 5.31 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है, जो भारत के जीडीपी के 1.6% के बराबर है। यह उपभोग वृद्धि घरेलू मांग को प्रोत्साहित करेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाएगी। रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि राजकोषीय घाटा निर्धारित लक्ष्यों से ऊपर नहीं जाएगा। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार को अतिरिक्त उधारी की जरूरत नहीं पड़ेगी और ऋण बाजार की चिंता अनावश्यक रूप से अतिरंजित हो सकती है।
मुद्रास्फीति के मोर्चे पर भी जीएसटी 2.0 के सकारात्मक प्रभाव दिख सकते हैं। खाद्य और कपड़े जैसी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% किए जाने की उम्मीद है। इससे सीपीआई मुद्रास्फीति में 10-15 बेसिस प्वाइंट (bps) की कमी आ सकती है। सेवाओं की जीएसटी दरों के तर्कसंगत होने से अन्य वस्तुओं और सेवाओं की महंगाई में भी 5-10 bps की गिरावट संभव है। कुल मिलाकर, सीपीआई में 20-25 आधार अंकों की कमी आने का अनुमान है, जिससे आम जनता को राहत मिल सकती है।
पिछले चार वर्षों में केंद्र सरकार ने अनुमानित कर राजस्व की तुलना में औसतन 2.26 लाख करोड़ रुपये अधिक राजस्व अर्जित किया है। यह बताता है कि नीति निर्धारण में लचीलापन और प्रभावी कार्यान्वयन के चलते जीएसटी 2.0 से भी स्थिर राजस्व सुनिश्चित किया जा सकता है। इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि जीएसटी 2.0 न केवल कर संग्रह को बेहतर बनाएगा, बल्कि महंगाई को भी नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। सरकार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए यह सुधार फायदेमंद साबित हो सकता है।
अन्य प्रमुख खबरें
महंगा हुआ हवाई सफर: Air India ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, यात्रियों की जेब पर असर
Wst Asia Cisis के बीच कीमती धातुओं की चमक फीकी: Gold-Silver में गिरावट, निवेशकों में असमंजस
प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत: 5 किलो एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी, सरकार का बड़ा फैसला
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी दमदार रहेगी Indian Economy, 6.7% GDP Growth का अनुमान
Gold की चमक तेज, Silver ने लगाई छलांग, कीमतें रिकॉर्ड के करीब पहुंचीं
HPCL का बड़ा एक्शन: Zero Tolerance Policy, एलपीजी अनियमितताओं पर 10 डिस्ट्रीब्यूटर सस्पेंड
Good Friday पर थमा बाजार: निवेशकों को मिला ब्रेक, BSE-NSE से लेकर कमोडिटी मार्केट तक सन्नाटा
गिरावट से उभरकर बाजार की शानदार वापसी: Sensex 1,800 अंक चढ़ा, IT शेयरों ने दिखाई ताकत
ई-इनकम टैक्स वेबसाइट: एआई असिस्टेंट 'कर साथी' के साथ टैक्स भरना हुआ आसान
Digital India की रफ्तार तेज: मार्च में UPI ने बनाया 22.64 अरब लेनदेन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड