अहमदाबादः गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस बीच भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी एएआईबी की अहमदाबाद विमान हादसे की जांच करने में मदद के लिए उच्च स्तरीय इंटरनेशनल एविएशन इन्वेस्टिगेटर्स और बोइंग के प्रतिनिधियों की टीम अहमदाबाद पहुंच गई है। यह टीम जांच में तकनीकी कारणों से जुड़ी जानकारी हासिल करने का काम करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के तरीकों का पता लगाएगी।
अहमदाबाद विमान हादसे में मरने वालों का आंकड़ा 274 हो गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है, जिसने अपना काम शुरू भी कर दिया है। खास सूत्रों के हवाले से बताया गया कि जांच प्रतिनिधिमंडल में यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (एनटीएसबी), फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) और ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) के अधिकारी शामिल हैं। इन इन्वेस्टिगेटर्स की जांच में भागीदारी ग्लोबल सिविल एविएशन नियमों, विशेष रूप से इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (आईसीएओ) के अनुसार है, जो विमान के निर्माता देश और हादसे से पीड़ित देशों के बीच सहयोग को अनिवार्य बनाता है। इस हादसे के शिकार मृतकों में 53 ब्रिटिश नागरिक, सात पुर्तगाली, एक कनाडाई और 12 चालक दल के सदस्यों सहित 181 भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
दरअसल, अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान एआई 171 उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे के एक दिन बाद विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर), जिसे ब्लैकबॉक्स भी कहते हैं, वह बरामद कर लिया गया था। इसमें विमान से जुड़ी सभी अहम जानकारियां स्टोर होती हैं। इसके साथ ही कोकपिट वॉइस रिकॉर्डर भी बरामद हुआ है। इस हादसे की जांच में अमेरिकी इंजन आपूर्तिकर्ता जीई एयरोस्पेस के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जिसने भारत में जांच को प्राथमिकता देने के लिए अन्य कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विमान दुर्घटना के अगले ही दिन यानी 13 जून को घटना स्थल का दौरा किया था। इसके साथ ही उन्होंने दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्तियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना था। इसके बाद प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने दुर्घटनास्थल और सिविल अस्पताल का दौरा किया, जहां पीड़ितों के शवों की पहचान का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसमें डीएनए सैंपल लेकर शवों की जांच की जा रही है। अब तक 85 से अधिक शवों की पहचान की जा चुकी है, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के शव की पहचान हो चुकी है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने केंद्रीय और राज्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राहत कार्यों की समीक्षा की गई और शोक संतप्त परिवारों की सहायता के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई गई। पीएमओ के अधिकारी तरुण कपूर और मंगेश घिल्डियाल भी उनके साथ थे।
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