बजट से पहले आर्थिक सर्वे 2026: जीडीपी ग्रोथ, वैश्विक चुनौतियां और ‘विकसित भारत’ का रोडमैप

खबर सार :-
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 ऐसे समय में पेश हो रहा है, जब वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत से स्थिर और तेज विकास की उम्मीद की जा रही है। जीडीपी ग्रोथ अनुमान, सुधारों की दिशा और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर इसका फोकस बजट 2026-27 की रूपरेखा तय करेगा। यह दस्तावेज सरकार, उद्योग और आम जनता-तीनों के लिए बेहद अहम होगा।

बजट से पहले आर्थिक सर्वे 2026: जीडीपी ग्रोथ, वैश्विक चुनौतियां और ‘विकसित भारत’ का रोडमैप
खबर विस्तार : -

Union Budget 2026-27: केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले केंद्र सरकार गुरुवार को यानी आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश करने जा रही है। यह सर्वे देश की अर्थव्यवस्था का सालाना रिपोर्ट कार्ड माना जाता है, जिसमें बीते वर्ष के आर्थिक प्रदर्शन, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत आकलन होता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद के दोनों सदनों में इसे प्रस्तुत करेंगी।

जीडीपी ग्रोथ पर टिकी रहेंगी नजरें

आर्थिक सर्वे का सबसे अहम पहलू चालू वित्त वर्ष 2025-26 और आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान होगा। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और सप्लाई चेन से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच यह अनुमान बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। निवेशक, उद्योग जगत और नीति निर्माता सभी इन आंकड़ों पर करीबी नजर रखेंगे।

प्री-बजट दस्तावेज की अहम भूमिका

इकोनॉमिक सर्वे को बजट का आधार माना जाता है। इसमें कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र, रोजगार, महंगाई, राजकोषीय घाटा और निर्यात जैसे प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति का विश्लेषण किया जाता है। साथ ही इसमें छोटे और मध्यम अवधि के आर्थिक अनुमान भी शामिल होते हैं, जो सरकार की नीतियों की दिशा तय करने में मदद करते हैं।

Union Budget 2026-27: मुख्य आर्थिक सलाहकार के संकेत

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने हाल ही में प्रकाशित एक लेख में रुपये की कमजोरी, वैश्विक वित्तीय सख्ती और भू-राजनीतिक तनावों पर अपने विचार रखे। माना जा रहा है कि आर्थिक सर्वे में इन मुद्दों का विस्तृत जिक्र होगा और यह बताया जाएगा कि भारत इन चुनौतियों के बीच किस तरह संतुलन बना रहा है।

बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत

इससे पहले संसद का बजट सत्र बुधवार को शुरू हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने 2026 को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम वर्ष बताया और पिछले दशक में हुए संरचनात्मक सुधारों की सराहना की।

Union Budget 2026-27: प्रधानमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इसमें भारत की विकास यात्रा और भविष्य का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। उनके अनुसार, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के निर्माण की साझा आकांक्षा इस भाषण में झलकती है। आर्थिक सर्वे के बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जाएगा। ऐसे में यह सर्वे न केवल आर्थिक स्थिति का आईना होगा, बल्कि आने वाले बजट की प्राथमिकताओं का संकेत भी देगा।

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