Economic Survey: देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में अब 5जी सेवाएं 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुकी हैं, जबकि दूरसंचार घनत्व बढ़कर 86.76 प्रतिशत हो गया है। यह उपलब्धि भारत को डिजिटल रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि पिछले एक दशक में देश के दूरसंचार क्षेत्र में तेज़ी से विस्तार हुआ है। खास बात यह है कि इस विस्तार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर को काफी हद तक कम किया है। जहां पहले दूरसंचार घनत्व 75.23 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 86.76 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
सर्वेक्षण के अनुसार, यह बदलाव सरकार के “डिजिटल रूप से सशक्त भारत” के विजन को दर्शाता है। दूरसंचार इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नीतियां चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रहीं—
समावेशी: हर वर्ग तक कनेक्टिविटी
विकसित: बेहतर प्रदर्शन और सुधार
त्वरित: तेज समाधान और विकास
सुरक्षा: सुरक्षित और भरोसेमंद नेटवर्क

आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि जून 2025 तक भारत की स्थापित डेटा सेंटर क्षमता लगभग 1280 मेगावॉट तक पहुंच गई है। इसमें करीब 130 निजी डेटा सेंटर और 49 सरकारी डेटा सेंटर शामिल हैं।
डिजिटलीकरण, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और 5जी तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए अनुमान है कि 2030 तक डेटा सेंटर क्षमता बढ़कर लगभग 4 गीगावॉट हो जाएगी।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत फिलहाल 56 सक्रिय अंतरिक्ष संपत्तियों का संचालन कर रहा है, जिनमें संचार, नेविगेशन, पृथ्वी-अवलोकन और वैज्ञानिक उपग्रह शामिल हैं। वर्ष 2025 के अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्वायत्त उपग्रह डॉकिंग (स्पाडेक्स) में सफलता पाई, जिससे वह यह क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। इसके साथ ही, 29 जनवरी 2025 को GSLV-F15 रॉकेट के जरिए NVS-02 उपग्रह का प्रक्षेपण किया गया, जो श्रीहरिकोटा से भारत का 100वां प्रक्षेपण था।
अन्य प्रमुख खबरें
सोने और चांदी में मामूली तेजी, अमेरिकी फेड ने ब्याज दरें बढ़ाईं तो बढ़ सकते हैं कीमती धातुओं के दाम
India-Newzealand के बीच ऐतिहासिक FTA: 27 अप्रैल को लगेगी मुहर, व्यापार को मिलेगा नया पंख
मजबूत डॉलर का असर: सोना-चांदी में फिसलन, निवेशकों की चमक फीकी पड़ी
Crude Oil की महंगाई का असर: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, IT Sector में तेज बिकवाली
मजबूत डॉलर का असर: सोना-चांदी फिसले, निवेशकों की बढ़ी चिंता
वैश्विक तनाव का असर: Share Market हुआ धड़ाम, IT Sector में सबसे बड़ी मार
Jack up Rig टेंडर रद्द: ONGC ने कीमतों में ‘खेल’ और मिलीभगत की आशंका पर कसा शिकंजा
Seafood Export में भारत का रिकॉर्ड धमाका: 72,000 करोड़ पार, झींगों ने मचाया ग्लोबल बाजार में धूम
Hormuz Crisis से तेल बाजार में उथल-पुथल, 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा Crude Oil