देशव्यापी एलपीजी नेटवर्क ने बदला कुकिंग सिस्टम, एलपीजी कनेक्शन का आंकड़ा पहुंचा 33 करोड़

खबर सार :-
भारत का 33 करोड़ कनेक्शन वाला एलपीजी नेटवर्क केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मिसाल है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और नियमित रिफिल ने स्वच्छ कुकिंग को जन-आंदोलन बना दिया है। बढ़ती खपत और उपयोग यह साबित करता है कि एलपीजी ने स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवनस्तर तीनों में सकारात्मक परिवर्तन किया है।

देशव्यापी एलपीजी नेटवर्क ने बदला कुकिंग सिस्टम, एलपीजी कनेक्शन का आंकड़ा पहुंचा 33 करोड़
खबर विस्तार : -

LPG Network: भारत में स्वच्छ और सुरक्षित खाना पकाने की दिशा में किए गए प्रयास आज ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बन चुके हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भारत की क्लीन कुकिंग पहल की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि आज देश में 33 करोड़ कनेक्शन वाला एक मजबूत और देशव्यापी एलपीजी सिस्टम कार्यरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी योजना की सफलता केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके नियमित उपयोग से ही असली परिवर्तन आता है।

नियमित उपयोग से मिली योजना को असली सफलता

हरदीप सिंह पुरी ने जोर देकर कहा कि स्वच्छ ईंधन तभी प्रभावी होता है, जब लोग उसे लगातार अपनाएं। भारत में एलपीजी का बढ़ता उपयोग इस बात का प्रमाण है कि लोगों की आदतों और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि आज एलपीजी केवल एक सरकारी सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य, समय की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से करोड़ों परिवारों को राहत

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 10.41 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं और सरकार 10.60 करोड़ कनेक्शन के लक्ष्य के बेहद करीब है। यह योजना विशेष रूप से गरीब और वंचित परिवारों के लिए लाई गई थी, जिससे उन्हें धुएं से भरे चूल्हों से मुक्ति मिल सके।

रिफिल आंकड़ों में दिखा व्यवहारिक बदलाव

पुरी ने कहा कि उपभोक्ताओं के व्यवहार में आया बदलाव रिफिल के आंकड़ों से साफ नजर आता है। पीएमयूवाई के तहत अब तक लगभग 276 करोड़ एलपीजी रिफिल वितरित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में उज्ज्वला लाभार्थियों को औसतन 13.6 लाख रिफिल प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। पूरे देश में प्रतिदिन 55 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों का वितरण हो रहा है, जो नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाता है।

प्रति परिवार खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि औसत एलपीजी खपत प्रति परिवार 3 सिलेंडर से बढ़कर 4.85 सिलेंडर हो गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि एलपीजी अब केवल वैकल्पिक ईंधन नहीं, बल्कि प्राथमिक ईंधन बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बना ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो रोजाना करोड़ों परिवारों को सम्मान और सुविधा प्रदान कर रहा है।

 

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